सप्ताहांत कक्षाएं आयोजित करने का निर्णय संकाय के विवेक पर निर्भर करेगा: जेएनयू कुलपति
नेत्रपाल संतोष
- 19 Jul 2024, 07:33 PM
- Updated: 07:33 PM
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलपति शांतिश्री डी. पंडित ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी)-स्नातक के नतीजों में देरी के बीच नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विलंब के कारण पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए आवश्यकता महसूस होने पर सप्ताहांत में कक्षाएं आयोजित करने का निर्णय संबंधित स्कूलों के डीन और संकाय द्वारा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा और इस विषय को संकाय तथा विभाग प्रमुखों के विवेक पर छोड़ देगा।
पंडित ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि सप्ताहांत में अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने पर विचार कर रहे जेएनयू की रिपोर्ट पूरी तरह से संकाय से उन तरीकों का पता लगाने का आह्वान करेगी जो उनके लिए सबसे उपयुक्त हैं।
‘पीटीआई-भाषा’ ने 15 जुलाई को खबर दी थी कि जेएनयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि सीयूईटी-स्नातक परिणामों की घोषणा में देरी से छात्रों के सभी बैच के लिए एक एकीकृत शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने की विश्वविद्यालय की योजना प्रभावित होगी।
अधिकारी ने कहा था कि विश्वविद्यालय को शनिवार के दिन अतिरिक्त कक्षाएं लगानी पड़ेंगी और बर्बाद हुए समय की भरपाई के लिए शीतकालीन अवकाश को कम करना पड़ सकता है।
कुलपति ने कहा, ‘‘जेएनयू ऐसी कोई चीज करेगा या नहीं, यह एक ऐसा निर्णय है जो पूरी तरह से संकाय और स्कूलों के डीन के फैसले पर आधारित होगा। ये वे लोग हैं जो छात्रों को पढ़ाते हैं और इस बारे में बेहतर जानते हैं कि देरी की भरपाई कैसे की जाए। हम इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। वे तय कर सकते हैं कि उनके और छात्रों के लिए क्या उपयुक्त है।’’
पंडित ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय वर्तमान में अपने स्नातक और पीएचडी प्रवेश के लिए केंद्र द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा प्रणाली- सीयूईटी-स्नातक या यूजीसी नेट से बाहर निकलने की योजना नहीं बना रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। हमारी पुरानी प्रवेश परीक्षा प्रणाली को फिर से बहाल करने के लिए जेएनयू में लंबे समय से मांग की जा रही है। अब तक हम किसी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन हम समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने पर ध्यान देंगे।’’
एक हजार से अधिक छात्रों के लिए शुक्रवार को दोबारा परीक्षा आयोजित करने के कारण सीयूईटी-स्नातक परिणाम में दो सप्ताह से अधिक की देरी हुई है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद पुन: परीक्षा की घोषणा की थी। शिकायतों में गलत प्रश्नपत्र के वितरण के कारण समय की हानि का मुद्दा भी शामिल था।
भाषा नेत्रपाल