दिल्ली सरकार अस्पतालों में मेटल डिटेक्टर और सशस्त्र गार्ड तैनात करेगी: स्वास्थ्य मंत्री
राजकुमार वैभव
- 15 Jul 2024, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) स्वास्थ्य केंद्रों में हिंसा की घटनाओं को लेकर डॉक्टरों के संगठन के सदस्यों के साथ बैठक के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने अस्पतालों के आपातकालीन द्वारों पर दो सशस्त्र गार्ड तैनात करने एवं मेटल डिटेक्टर लगाने का फैसला किया है।
मंत्री तथा ‘फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए)’ के प्रतिनिधियों की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही गुरुतेग बहादुर अस्पताल के एक वार्ड में गलत पहचान के चक्कर में 32 वर्षीय एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
भारद्वाज ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सरकारी अस्पतालों में हाल में हुई हिंसा की घटनाओं पर चर्चा करने के लिए फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में राष्ट्रीय महासचिव और मुख्य सलाहकार के साथ आये उसके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। निम्नलिखित निर्णय लिए गए, पहला, अस्पतालों के आपातकालीन प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाया जाएगा। दूसरा, प्रमुख अस्पतालों के आपातकालीन प्रवेश द्वारों पर दो सशस्त्र गार्डों की तैनाती की जाएगी।’’
इसी पोस्ट में भारद्वाज ने कहा कि वह दिल्ली के पुलिस आयुक्त से अनुरोध करेंगे कि एक कांस्टेबल को चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से जूझ रहे अस्पतालों की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा की जाएगी।
मंत्री ने लिखा, ‘‘हमलावरों के खिलाफ वर्तमान कानूनों एवं विनियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएंगे और उसके कामकाज की देखरेख की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे ठीक से काम करें।’’
एफएआईएमए के अध्यक्ष रोहन कृष्णन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारद्वाज के साथ फेडरेशन की सार्थक बैठक हुई।
उन्होंने लिखा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम सामूहिक रूप से दिल्ली सरकार के अस्पतालों की स्थिति में सुधार लाएंगे, ताकि देश में सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर सकें। हम फेडरेशन के लोग अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बहुत गंभीर हैं। हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अब हम इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।’’
भाषा राजकुमार