पुंछ से आतंकवाद के सफाये के लिए तालमेल में कार्य कर रहे हैं सुरक्षा बल: एसएसपी
अमित माधव
- 13 Jul 2024, 08:29 PM
- Updated: 08:29 PM
मेंढर/जम्मू, 13 जुलाई (भाषा) सुरक्षा बल जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले से आतंकवाद का सफाया करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं जहां पिछले ढाई साल में कई आतंकवादी हमले हुए हैं। यह जानकारी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को दी।
पुंछ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक युगल मन्हास ने कहा कि आतंकवादियों को जम्मू कश्मीर में भेजने की पाकिस्तान की साजिश को नाकाम करने के लिए सेना और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
पुंछ जिले के मेंढर कस्बे में आयोजित 'जनता दरबार' से इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए एसएसपी ने जिले में नशीले पदार्थों की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने में नागरिक समाज का सहयोग भी मांगा।
उन्होंने कहा, "हमारा सुरक्षा तंत्र तैयार है और खुफिया एजेंसियों समेत सभी सुरक्षा बलों के बीच तालमेल है। हम सब मिलकर इस क्षेत्र से एक बार फिर आतंकवाद का खात्मा करने में सफल होंगे।"
पुंछ और पास के राजौरी जिले में अक्टूबर 2021 से दर्जनों आतंकी हमले हुए हैं, जिनमें करीब 50 लोग मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर सेना के जवान हैं और कई अन्य घायल हुए हैं।
एसएसपी मन्हास ने कहा, "पाकिस्तान आतंकवादियों की घुसपैठ की हरसंभव कोशिश कर रहा है... लेकिन सीमा पर तैनात हमारे जवान सतर्क हैं।"
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल सीमावर्ती जिले में आतंकवाद को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से मादक पदार्थों की तस्करी से उत्पन्न चुनौती पर उन्होंने कहा कि पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
मन्हास ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए नियमित आधार पर परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि माता-पिता, धार्मिक विद्वानों और नागरिक समाज को आगे आकर युवाओं को नशे की बुराई के बारे में जागरूक करके अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस नशे की लत वाले लोगों के इलाज के लिए सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है और युवाओं से अपनी ऊर्जा का सकारात्मक तरीके से उपयोग करने और खेलों में शामिल होने के लिए कहा।
जनता दरबार में एसएसपी ने लोगों द्वारा उठाई गई समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस सभी मुद्दों को हल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। बैठक में भाग लेने वाले लोगों ने आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में ग्राम रक्षा गार्ड को मजबूत करने, विशेष पुलिस अधिकारियों के लिए भर्ती अभियान शुरू करने और आत्मरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस जारी करने की मांग की।
भाषा अमित