फ्लोरेंस में किसी ने हमारा पासपोर्ट, नकदी चुरा लिया : दिव्यांका त्रिपाठी
खारी मनीषा
- 11 Jul 2024, 05:17 PM
- Updated: 05:17 PM
नयी दिल्ली, जुलाई 11 (भाषा) इटली के फ्लोरेंस शहर में छुट्टियां मनाने गईं टीवी अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया की गाड़ी की खिड़की का शीशा तोड़कर उनके पासपोर्ट, नकदी और क्रेडिट तथा डेबिट कार्ड चोरी कर लिये गये।
त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को फ्लोरेंस से ही फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वे प्राथमिकी दर्ज करवा रहे हैं और मदद के लिए भारतीय दूतावास से भी संपर्क कर रहे हैं।
त्रिपाठी और दहिया फ्लोरेंस के निकट एक रिजॉर्ट में ठहरे हुए हैं जहां पर्यटन शहर से वाहन से पहुंचने में आधे घंटे का समय लगता है।
उन्होंने बताया कि यह घटना बुधवार को स्थानीय समय के अनुसार दोपहर में हुई। टीवी धारावाहिक ‘ये है मोहब्बतें’ से लोकप्रिय हुईं अभिनेत्री ने बताया कि इस घटना के बारे में उन्हें शाम को पता चला।
त्रिपाठी ने कहा, ‘‘हमने उसी दिन होटल में चेक-इन किया था। होटल प्रबंधन को पता था कि हमारा सामान गाड़ी में है और उन्होंने हमसे कहा भी था कि सामान सुरक्षित रहेगा। चूंकि हमें काफी भूख लगी थी तो हम पहले खाना खाने चले गये। हम भी सामान की सुरक्षा को लेकर निश्चिंत थे कि क्योंकि यह एक रिजॉर्ट है कोई सड़क नहीं।’’
अभिनेत्री का कहा कि या तो किसी ने उनके पति और उनका पीछा कर इस वारदात को अंजाम दिया या फिर ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं।
त्रिपाठी ने कहा, ‘‘चोरों ने कार की खिड़की का शीशा तोड़ा और पिछली सीट पर रखा सारा सामान ले गए जिनमें पासपोर्ट, डेबिट तथा क्रेडिट कार्ड, नकदी शामिल हैं। यहां इस तरह की घटना से हैरान हूं। हालांकि, होटल के लोग हमारी मदद कर रहे हैं। होटल और उसके परिसर में सीसीटीवी नहीं है, इसलिए हमने सबूत के तौर पर वीडियो बनाया और तस्वीरें ली हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि शाम छह बजे के बाद कोई भी इटली में प्राथमिकी दर्ज नहीं करवा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर यहां शाम छह बजे से नौ बजे के बीच आपके साथ कोई भी घटना हो जाती है तो इसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए आप कुछ नहीं कर सकते। हम अब घटना की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इससे हमारी मदद होगी और हम भारतीय दूतावास में भी संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
त्रिपाठी ने कहा, ‘‘हम यात्रा करने के बेहद शौकीन हैं... उम्मीद है कि इस यात्रा से भी बेहतर यादें लेकर जाएंगे। हम परेशान हैं क्योंकि हमारे पास नकदी नहीं हैं, लेकिन हम हौसला बनाए हुए हैं। हालात अच्छे नहीं हैं, लेकिन हम मुस्कुरा रहे हैं।’’
भाषा खारी