राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है बल्कि वह केवल सियासी फायदा उठाना चाहते हैं : नड्डा
रंजन
- 22 Jul 2026, 11:54 PM
- Updated: 11:54 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष से अपील की कि वह आरोप-प्रत्यारोप में पड़ने के बजाय संसद में इस मुद्दे पर 'विस्तृत' चर्चा होने दें ताकि समस्या का 'स्थायी समाधान' निकाला जा सके।
नड्डा ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार एक ''जिम्मेदार और संवेदनशील सरकार'' है और वह इस मुद्दे को लेकर बहुत गंभीर है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर संसद में 'विस्तृत' चर्चा के लिए तैयार है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्र जब चाहे उनसे बातचीत करने के लिए तैयार है।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन देती है, तो वह अपनी अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर देंगे। उनकी मांगों में परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक या बदले की कार्रवाई न करने की मांग भी है। इस बारे में नड्डा ने कहा, '' हम उनके खुले पत्र का जवाब देंगे।''
भाजपा नेता यह टिप्पणी गांधी की उस संवाददाता सम्मेलन के बाद आई, जिसमें उन्होंने सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें जवाबदेह ठहराना, और छात्रों के साथ जो हुआ उसके लिए प्रधानमंत्री द्वारा उनसे माफी मांगने की तीन ऐसी मांगे हैं जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
नड्डा ने गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने देश में प्रश्नपत्र लीक के लगभग 150 मामलों का जिक्र तो किया, लेकिन उन प्रश्नपत्र लीक के मामलों का जिक्र नहीं किया जो उनकी पार्टी और सहयोगियों की सरकार वाले राज्यों में हुए थे।
उन्होंने कहा,''यह जांच का विषय है और सरकार इस मामले के हर पहलू पर अपना जवाब जनता के सामने रखेगी।''
नड्डा ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल और पंजाब में विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के लीक होने की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए गांधी से सवाल किया, '' आप इतने चुनिंदा क्यों हैं? आपने कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) की सरकारों वाले राज्यों में हुए प्रश्नपत्र लीक के बारे में बात क्यों नहीं की?''
उन्होंने कहा, ''इससे स्पष्ट होता है कि आपकी मंशा छात्रों का हित नहीं है। आपकी दिलचस्पी राजनीतिक फायदा उठाने और छात्रों की मांगों पर राजनीति करने में है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।''
नड्डा ने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे देश में प्रश्नपत्र लीक की समस्या का 'स्थायी समाधान' तलाशने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करें।
उन्होंने कहा,''हमारा मानना है कि हमें आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर इस मामले पर चर्चा करनी चाहिए। ऐसी चर्चा के लिए सबसे अच्छा मंच संसद है और हम इसके लिए तैयार हैं।''
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ''हमें इस बात को सुनिश्चित करने के लिए विस्तार से चर्चा करनी चाहिए कि हमारे छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा इस बात को लेकर बहुत चिंतित है, क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं।''
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
नड्डा ने कहा, ''यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर विस्तार से चर्चा की ज़रूरत है। विपक्ष को अपने लक्ष्य या रुख़ को बार-बार नहीं बदलना चाहिए। हमें आरोप-प्रत्यारोप में नहीं पड़ना चाहिए। हमें इस समस्या को हल करने के बारे में सोचना चाहिए और एक ठोस नीति बनानी चाहिए।''
केंद्रीय मंत्री ने सरकार और कॉक्रोच जनता पार्टी (कॉजपा)के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में प्रगति के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''हमारी बातचीत बहुत सौहार्द्रपूर्ण माहौल में हुई। हमने उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी। जब हमने कहा तो उन्होंने (अपनी मांगें) लिखित रूप में दीं। हमने भी उन्हें जवाब दिया है।''
उन्होंने कहा, ''और मैंने उनसे कह दिया है कि जब भी वे चाहें, हम (आगे की) बातचीत के लिए तैयार हैं।''
नड्डा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ कल रात मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
उन्होंने कहा, ''हमने वांगचुक से यह भी अपील की कि वह अपना अनशन समाप्त करें और युवाओं को सही दिशा दिखाएं। सरकार सभी मुद्दों पर बातचीत करने के लिए तैयार है और हमेशा उन पर ध्यान देगी। उन्होंने कहा, 'ठीक है, मैं जवाब दूंगा'।''
वांगचुक द्वारा सरकार को लिखे पत्र पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''हम जवाब देंगे''।
नड्डा से जब पूछा गया कि क्या शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार में कोई चर्चा हो रही है, तो उन्होंने कहा, ''नहीं, ऐसा नहीं होता है। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। यह संसद में होगा। वे अपनी बात रखेंगे और सरकार जवाब देगी।''
भाषा धीरज रंजन
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