हाल में ड्रोन-आधारित तस्करी तेजी से उभरी, पंजाब देश का सर्वाधिक प्रभावित सीमावर्ती राज्य : केंद्र
माधव
- 22 Jul 2026, 06:03 PM
- Updated: 06:03 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि हाल के वर्षों में ड्रोन-आधारित तस्करी तेजी से उभरी है और पंजाब देश का सर्वाधिक प्रभावित सीमावर्ती राज्य बन गया है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ''सीमा-पार से मादक पदार्थों की तस्करी के रुझानों से यह स्पष्ट होता है कि सीमा-पार से संचालित मादक पदार्थ तस्करी सिंडिकेट भारत में हेरोइन, मेथामफेटामीन, हथियारों तथा गोला-बारूद की तस्करी के लिए ड्रोन, जीपीएस-सक्षम खेप, 'एनक्रीपटेड' संचार तथा स्थानीय रिसीवर नेटवर्क जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का अत्यधिक उपयोग कर रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ड्रोन-आधारित तस्करी उभरी है और 2021 से ड्रोन की मदद से मादक पदार्थ तस्करी में वृद्धि दर्ज की गई है जिसके परिणामस्वरूप पंजाब देश का सर्वाधिक प्रभावित सीमावर्ती राज्य बन गया है।
राय ने कहा कि सिर्फ 2025 में ही, देशभर में ड्रोन-संबंधित मादक पदार्थ तस्करी की 305 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 298 घटनाएं केवल पंजाब सीमा पर हुईं जहां से लगभग 460 किग्रा. मादक पदार्थ जब्त किए गए। इनमें 448 किग्रा हेरोइन, 09 किग्रा. मेथामफेटामीन तथा 03 किग्रा. अफीम शामिल है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्य में उभरते इस खतरे की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी की रोकथाम के लिए व्यापक सहायता प्रदान कर रही है जिसके तहत विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। इन उपायों में सर्वाधिक संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में उन्नत एंटी-ड्रोन प्रणालियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे सहित उन्नत निगरानी प्रणालियों की स्थापना, नए डिजाइन की सीमा बाड़ की स्थापना के माध्यम से सीमा बाड़ को सुदृढ़ करना तथा सीमा पर फ्लड लाइटें लगाना शामिल हैं।
राय ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा किए गए जांच के दौरान तस्करों द्वारा डिजिटल मंचों के उपयोग के उदाहरण संज्ञान में आए हैं। उन्होंने कहा कि जांच से सामने आया है कि पंजाब तथा उससे सटे राज्यों में सक्रिय गिरोह तस्करी के लिए व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, स्नैपचैट, जैंगी तथा अन्य सोशल मीडिया मंचों का ज्यादा-से-ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब की मादक पदार्थ रोधी कार्यबल ने सूचित किया है कि तस्करी से अर्जित धन के अंतरण तथा वित्तीय लेन-देन के रिकार्ड को छिपाने के लिए 'क्रिप्टोकरेंसी' तथा 'वर्चुअल डिजिटल' परिसंपत्तियों का उपयोग किया जा रहा है। इस व्यवस्था में वास्तविक प्रेषक तथा प्राप्तकर्ता की पहचान करना कठिन हो सकता है।
भाषा मनीषा अविनाश माधव
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