कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार में अधिक युवा चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना: उपमुख्यमंत्री परमेश्वर
दिलीप
- 21 Jul 2026, 03:22 PM
- Updated: 03:22 PM
बेंगलुरु, 21 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने संकेत दिया कि कर्नाटक मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार कांग्रेस आलाकमान द्वारा प्रस्तावित नामों की सूची को मंजूरी देने के बाद होगा और इसमें युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा के दौरान कई पहलुओं पर विचार किया जा रहा है, जिसमें नए और युवा चेहरों को मौका देना भी शामिल है।
मंत्रिमंडल के जल्द विस्तार की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख बी.के. हरिप्रसाद कांग्रेस आलाकमान से चर्चा के लिए दिल्ली में हैं।
परमेश्वर ने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा, ''वे (मुख्यमंत्री, सिद्धरमैया और हरिप्रसाद) दिल्ली गए हैं; अगर आलाकमान चर्चा के बाद मंजूरी देता है, तो मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।''
यह पूछे जाने पर कि क्या अगले महीने की शुरुआत में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, इस पर उन्होंने कहा कि चर्चा के बाद अगर आलाकमान इजाजत देता है, तो यह प्रक्रिया तुरंत पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा, ''अगर आलाकमान ने मंजूरी दे दी, तो राज्यपाल को सूचित किया जाएगा और उनकी उपलब्धता के आधार पर (नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के लिए) उनसे समय देने का अनुरोध किया जाएगा।''
वरिष्ठ नेताओं की जगह नए चेहरों को मौका देने के संबंध में आलाकमान के विचार करने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पता चला है कि कुछ ''मानदंडों'' पर चर्चा हो रही है और उनमें युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देना भी शामिल है। उन्होंने कहा, ''वे इस पर विचार कर सकते हैं।''
यह पूछे जाने पर कि क्या यह विस्तार 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, इस पर उन्होंने कहा, ''जिन मानदंडों पर विचार किया जा रहा है, मुझे उन मानदंडों के बारे में सीधे तौर पर जानकारी नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि चर्चा के दौरान इन सभी मानदंडों पर विचार किया जाएगा, क्योंकि जब मैं पार्टी अध्यक्ष था, तो आला कमान हमसे नए नेतृत्व तैयार करने के लिए कहता था। मुझे लगता है कि अब भी वही बात लागू होगी।''
मंत्रिमंडल में शामिल होने के इच्छुक मंत्री पद के दावेदारों में वरिष्ठ एवं युवा विधायक दोनों शामिल हैं, जिनकी ओर से जबरदस्त लामबंदी हो रही है।
सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तीन जून को शिवकुमार ने 13 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
कर्नाटक मंत्रिमंडल में मंत्रियों की स्वीकृत क्षमता मुख्यमंत्री समेत कुल 34 है, जिनमें से 20 पद अब भी खाली हैं और शिवकुमार पर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने का दबाव बढ़ रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मंत्री बनने के कई दावेदारों और सीमित पदों के कारण डी.के. शिवकुमार के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने वाले नेताओं में बड़े पैमाने पर असंतोष पैदा होने की आशंका है।
भाषा सुरभि दिलीप
दिलीप
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