कॉजपा का रातभर का धरना शुरू, 'संसद चलो' मार्च से पहले जंतर-मंतर पर उमड़ी भीड़
संतोष
- 19 Jul 2026, 11:58 PM
- Updated: 11:58 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके की रातभर धरना स्थल पर डटे रहने की अपील के बाद रविवार को बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर पहुंचे और सोमवार को प्रस्तावित 'संसद चलो' मार्च से पहले वहां बैनर लगाए गए तथा प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की।
इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने घोषणा की कि अगर नेता सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक से मिलकर उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का मुद्दा उठाया जाएगा, तो वह सोमवार को अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे।
सोमवार को संसद तक प्रस्तावित मार्च की तैयारियों के बीच कॉजपा के जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर लोगों का पहुंचना दिनभर जारी रहा।
कॉजपा के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि निर्धारित प्रदर्शन से पहले ही ''जंतर-मंतर और उसके आसपास करीब 20 हजार लोग'' मौजूद थे।
दास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''जंतर-मंतर और उसके आसपास 20 हजार लोग हैं और अभी 20 जुलाई की तारीख आई नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान-अब जवाबदेही तय होने का समय आ गया है।''
प्रदर्शन को कई नेताओं और अन्य हस्तियों का भी समर्थन मिला।
अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता प्रकाश राज ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन के प्रति एकजुटता जताई। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की नेता वृंदा करात तथा आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और गोपाल राय ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
भारद्वाज ने कहा, ''20 जुलाई ऐतिहासिक दिन होगा। केंद्र सरकार को झुकना पड़ेगा।''
'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रदर्शन में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर भारद्वाज ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
राय ने वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन ले जाए जाने की निंदा की और समर्थकों से सोमवार के मार्च को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की।
शबाना आजमी ने सभा को संबोधित करते हुए वांगचुक और कॉजपा के प्रति अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का आग्रह किया है।
प्रकाश राज ने 'जय भीम' के नारे लगाए और कहा कि वह सोमवार के मार्च में शामिल होने से पहले रातभर प्रदर्शन स्थल पर रहेंगे।
कॉजपा के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन स्थल की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें बड़ी संख्या में समर्थक दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सोमवार के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचने लगे हैं।
दीपके ने एक वीडियो संदेश में समर्थकों से रातभर जंतर-मंतर पर रहने की अपील करते हुए कहा कि संसद तक मार्च को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी है।
उन्होंने कहा, ''हमारा प्रदर्शन जारी है। कृपया बड़ी संख्या में यहां आएं और पूरी रात यहीं रहें। अगर आप नहीं आएंगे तो वे प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिश करेंगे।''
दीपके ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, ''हमारा प्रदर्शन और मार्च शांतिपूर्ण रहेगा। मैं सभी से नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध करता हूं।''
उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार तड़के पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल से ले जाए जाने के बावजूद वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सफदरजंग अस्पताल में जारी है।
दीपके ने कहा, ''जैसा कि आपने देखा, वे सोनम सर को जबरन ले गए, लेकिन अस्पताल में भी उनका अनशन जारी है।''
वांगचुक की पत्नी आंग्मो ने जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ''अगर नेता अस्पताल में सोनम से मिलते हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि वे संसद सत्र के दौरान शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो वह कल अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे।''
उन्होंने प्रस्तावित मार्च से पहले वांगचुक की ओर से समर्थकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की।
इससे पहले दिन में वांगचुक ने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को भारत का ''दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन'' करार देते हुए इसे ''भय से मुक्ति'' और ''अन्याय से मुक्ति'' का अभियान बताया। उन्होंने समर्थकों से इस मार्च को ''बड़ी सफलता'' बनाने की अपील की।
वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो के माध्यम से सफदरजंग अस्पताल से साझा किए गए हस्तलिखित संदेश में ''अन्याय से मुक्ति'' को कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं से और ''भय से मुक्ति'' को अपनी कथित ''अवैध हिरासत'' से जोड़ा।
कॉजपा ने सोमवार के मार्च से पहले पुलिस कार्रवाई की आशंका भी जताई।
संगठन ने 'एक्स' पर पोस्ट कर समर्थकों से तत्काल जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। उसने दावा किया कि इलाके में आंसू गैस से संबंधित उपकरण लाए गए हैं और असामाजिक तत्व गड़बड़ी फैलाने के लिए प्रदर्शनकारियों की भीड़ में घुसने की कोशिश कर सकते हैं।
कॉजपा ने प्रदर्शनकारियों से किसी उकसावे पर प्रतिक्रिया नहीं देने और मार्च को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की।
जंतर-मंतर के पास 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) के प्रदर्शन स्थल पर नेहा, मनीष और आमीन की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रही।
नेहा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रविवार को उन्हें वहां से हटाने की तीन-चार बार कोशिश की, लेकिन छात्रों और समर्थकों ने मानव शृंखला बनाकर इसे रोक दिया।
उन्होंने कहा, ''आज हमारी भूख हड़ताल का 22वां दिन है। सुबह से पुलिसकर्मी हमें उठाने के लिए तीन-चार बार आ चुके हैं। जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और युवाओं ने हमारी रक्षा के लिए मानव शृंखला बनाई है।''
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
शनिवार तड़के वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से ले जाए जाने के बाद दीपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी थी।
अपनी भूख हड़ताल के दूसरे दिन रविवार को दीपके ने कहा कि अब उन्हें लंबे समय तक अनशन करने से शरीर पर पड़ने वाले असर का एहसास हुआ है। उन्होंने लोगों से सोमवार के संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।
कॉजपा 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वह नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय देने की मांग कर रही है।
संगठन ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद तक 'संसद चलो' मार्च का आह्वान किया है।
भाषा सिम्मी संतोष
संतोष
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