केरल: कांग्रेस नेताओं ने सरकारी वकील की नियुक्ति संबंधी विवाद को तवज्जो नहीं दी
नेत्रपाल
- 18 Jul 2026, 06:44 PM
- Updated: 06:44 PM
तिरुवनंतपुरम, 18 जुलाई (भाषा) कांग्रेस नेताओं ने शनिवार को सरकारी वकील की नियुक्ति को लेकर केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और पार्टी की छात्र इकाई केएसयू के बीच मतभेदों की खबरों को अधिक तवज्जो न देते हुए कहा कि इस मामले को पार्टी के भीतर ही सुलझा लिया जाएगा।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बुधवार को सतीशन ने कहा कि सरकारी वकीलों की नियुक्ति योग्यता और सिफारिशों के आधार पर की गई है तथा सरकार किसी राजनीतिक या छात्र संगठन के दबाव में काम नहीं करेगी।
कांग्रेस की छात्र इकाई 'केरल स्टूडेंट्स यूनियन' (केएसयू) ने माकपा के छात्र संगठन 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसएफआई) के एक पूर्व नेता को सरकारी वकील नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई है।
राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कांग्रेस के भीतर किसी गंभीर मतभेद की बात को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ''यदि केएसयू कार्यकर्ताओं को कोई शिकायत है, तो उसकी निश्चित रूप से सुनवाई की जाएगी और उसका समाधान किया जाएगा। मेरा मानना है कि मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले में पहल करेंगे।''
चेन्निथला ने इस दावे को भी खारिज किया कि सतीशन केएसयू के नाराज नेताओं से मिलने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हर दिन सैकड़ों लोग मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मिलते हैं।
उन्होंने कहा, ''यदि वे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी चिंताएं उनके सामने रखते हैं, तो वह निश्चित रूप से उन पर विचार करेंगे। वह उनकी बात को नजरअंदाज नहीं करेंगे।''
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि ऐसा कुछ हुआ जिससे केएसयू नाराज है, लेकिन उनका मानना है कि ऐसे मुद्दों का समाधान पार्टी के भीतर ही होना चाहिए।
वेणुगोपाल ने कहा, ''यदि कोई मुद्दा है, तो उस पर संबंधित नेताओं से चर्चा कर उचित मंच पर उसका समाधान किया जाना चाहिए। यह सरकार केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उम्मीदों के कारण ही सत्ता में नहीं आई, बल्कि आम जनता की अपेक्षाओं के कारण भी बनी है।''
उन्होंने कहा कि केएसयू की चिंताएं वास्तविक हो सकती हैं और पार्टी उन्हें दूर करने का प्रयास करेगी।
वेणुगोपाल ने कहा, ''मेरी राय है कि किसी को भी ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हों।''
केएसयू के प्रदेश अध्यक्ष अलोशियस जेवियर ने विवाद को कमतर दिखाने की कोशिश करते हुए कहा कि इसे छात्र संगठन और सरकार के बीच बड़े टकराव के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केएसयू ने अपनी चिंताओं से सरकार और कांग्रेस नेतृत्व दोनों को अवगत करा दिया है।
जेवियर ने कहा, ''हमने अपनी चिंताओं से सरकार को भी अवगत कराया है और पार्टी को भी। पार्टी ने हमें आश्वासन दिया है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करेगी। एक अनुशासित पार्टी कार्यकर्ता के रूप में मेरी जिम्मेदारी है कि मैं इससे अधिक एक शब्द न कहूं।''
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल
1807 1844 तिरुवनंतपुरम