वनडे में स्मृति, टी20 में शेफाली को कप्तान बनाने के पक्ष में मिताली
नमिता
- 16 Jul 2026, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
(भरत शर्मा)
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज का मानना है कि हरमनप्रीत कौर के बाद स्मृति मंधाना को वनडे क्रिकेट में और शेफाली वर्मा को टी20 में भारत की कप्तानी सौंपी जानी चाहिये ।
सैतीस वर्ष की हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने पिछले साल वनडे विश्व कप जीता लेकिन 2018 से अब तक टी20 प्रारूप में आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत सकी है ।
मिताली ने पीटीआई से बातचीत में कहा ,''हम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सके लेकिन सिर्फ इसी आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कप्तान बदलने की जरूरत है । मेरा मानना है कि कई मानदंडों को देखना चाहिये कि खिलाड़ी उन पर खराब उतरा है या नहीं ।''
उन्होंने कहा ,''एक तो फिटनेस है जो काफी अहम है । पिछले दो तीन साल में आपने देखा होगा कि हरमन को फिजियो की मैदान पर जरूरत पड़ी है । कुछ मैचों में वह उपलब्ध नहीं रही । आप चाहेंगे कि आपका कप्तान फिट और हमेशा उपलब्ध हो । हम सभी की उम्र तो बढनी ही है और इसलिये वह सबसे फिट नहीं है ।''
उन्होंने कहा ,'' पिछले तीन विश्व कप में उसके फॉर्म को देखें तो वह 15, 20 रन बनाती है और अर्धशतक बनाने के लिये तीन चार मैच इंतजार करना पड़ता है । इसके अलावा आपको यह भी देखना होगा कि अगले वनडे या टी20 विश्व कप में क्या वह खेल सकेगी । फैसला लेने वालों को इन चीजों को ध्यान में रखना होगा ।''
मिताली ने कहा ,'' अगर आपको ऐसा लगता है कि टी20 विश्व कप में खराब प्रदर्शन के कारण ही बदलाव जरूरी है । कोच (अमोल मजूमदार) भी जवाबदेह है क्योंकि अंतिम एकादश पर फैसला कप्तान और कोच दोनों लेते हैं ।''
भविष्य के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,'' मुझे तो लगता था कि स्मृति दो तीन साल पहले ही वनडे प्रारूप की कप्तानी संभाल लेंगी। लेकिन अब भी उनके अपार अनुभव को देखते हुए कम से कम वनडे और टेस्ट प्रारूप की कप्तानी तो उन्हें ही दी जानी चाहिए और शायद टी20 प्रारूप किसी युवा खिलाड़ी को सौंपा जा सकता है। लेकिन वनडे के लिए तो साफ़ तौर पर अनुभव की जरूरत होती है।''
उन्होंने कहा ,''टी20 में शेफाली कप्तान हो सकती है । वह अंडर 19 विश्व कप में कप्तान रह चुकी है । जेमिमा भी डब्ल्यूपीएल में कप्तान रही है लेकिन मेरा मानना है कि जिसे भी कप्तान बनाये, उसे कुछ समय दें ।''
भाषा मोना नमिता
नमिता
1607 1949 दिल्ली