शिक्षा, रोजगार व युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा: कांग्रेस
खारी
- 15 Jul 2026, 10:21 PM
- Updated: 10:21 PM
भोपाल, 15 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को कहा कि यदि देश में प्रश्नपत्र लीक के मामलों का एक महीने के भीतर निस्तारण कर दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी गई, तो कांग्रेस शिक्षा, पारदर्शी भर्ती, रोजगार और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
पटवारी यहां 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत इंदौर से शुरू हुई 'युवा स्वाभिमान : जेन-जेड साइक्लोथॉन' के भोपाल में समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस यात्रा में युवाओं, छात्र-छात्राओं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है, सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, परीक्षाओं में पारदर्शिता समाप्त होती जा रही है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
चौधरी ने कहा कि नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आज कॉलेज और विश्वविद्यालयों में कक्षाएं खाली हैं, क्योंकि युवाओं के सामने रोजगार का संकट लगातार गहराता जा रहा है।
चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार न तो युवाओं को रोजगार दे पा रही है, न किसानों को राहत और न ही छात्रों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध करा पा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कांग्रेस देश के प्रत्येक छात्र को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश में इस अभियान से दो लाख से अधिक लोग जुड़े और शिक्षा, रोजगार तथा छात्रों के अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 12 वर्षों में 90 बार प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं हुईं और 50 से अधिक परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में व्यापम सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में लगातार घोटाले सामने आए हैं।
पटवारी ने कहा, ''कांग्रेस की मांग है कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों का एक महीने के भीतर निस्तारण कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो पार्टी शिक्षा, पारदर्शी भर्ती, रोजगार और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।''
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह अभियान युवाओं के अधिकारों, लोकतंत्र और देश के भविष्य की लड़ाई का जनआंदोलन है।
उन्होंने कहा कि आज की 'जेन-जेड' पीढ़ी को देश का भविष्य तय करना होगा, क्योंकि यदि युवा आगे नहीं आए, तो उनका अपना भविष्य भी सुरक्षित नहीं रहेगा।
'जेन जेड' उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है। इन्हें डिजिटल नेटिव्स भी कहा जाता है क्योंकि इनका जीवन स्मार्टफोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया से जुड़ा माना गया है।
सिंघार ने शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और महात्मा गांधी के संघर्ष को याद करते हुए युवाओं से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
पूरे अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नीट-यूजी परीक्षा प्रकरण सहित शिक्षा व्यवस्था में सामने आई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी। प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है।
नीट-यूजी की पुन:परीक्षा 21 जून को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई थी।
इंदौर से रवाना हुई यह साइकिल यात्रा मंगलवार देर शाम आष्टा पहुंची थी और बुधवार को वहां से भोपाल पहुंचकर संपन्न हुई।
भाषा ब्रजेन्द्र खारी
खारी
1507 2221 भोपाल