चुनौतियों के बीच रियल एस्टेट में अदाणी प्रॉपर्टीज ने लगाई छलांग, चौथे स्थान पर पहुंची: रिपोर्ट
अजय
- 14 Jul 2026, 06:50 PM
- Updated: 06:50 PM
मुंबई, 14 जुलाई (भाषा) उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके परिवार की रियल एस्टेट संपत्ति में 72 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि हुई है। यह वृद्धि ऐसे साल में हुई है जो इस क्षेत्र के लिए अच्छा नहीं रहा और जिसमें ज्यादातर कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट देखी गई। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।
अहमदाबाद स्थित अदाणी समूह की कंपनी अदाणी प्रॉपर्टीज का उल्लेख करते हुए '2026 ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट 150' रिपोर्ट में कहा गया, ''भारत के सबसे धनाढ़्य व्यक्ति, गौतम अदाणी, देश का सबसे बड़ा रियल एस्टेट कारोबार खड़ा कर सकते हैं।''
अदाणी समूह कई साल से रियल एस्टेट कारोबार में है और कई शहरों में इसकी परियोजनाएं चल रही हैं।
यह मुंबई में धारावी झुग्गी बस्ती इलाके का पुनर्विकास कर रहा है। इसमें महाराष्ट्र सरकार की एक छोटी भागीदारी है। इसके अलावा, मोतीलाल नगर जैसी अन्य बड़ी परियोजना पर भी काम जारी है।
प्रणव अदाणी और राजेश अदाणी की अगुवाई वाली अदाणी प्रॉपर्टीज का मूल्यांकन पिछले साल 38,000 करोड़ रुपये बढ़कर 90,400 करोड़ रुपये हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी पहले ही चौथे सबसे धनाढ्य रियल्टी उद्यमी बन गये हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके उलट, बीएसई रियल्टी सूचकांक में 20 प्रतिशत की गिरावट आई और 151 में से सिर्फ 31 कंपनियों का मूल्यांकन बढ़ा, जबकि 74 कंपनियों के मूल्य में गिरावट आई।
रिपोर्ट के अनुसार, यह साल क्षेत्र के लिए बहुत अच्छा नहीं रहा। साल के दौरान शीर्ष-150 कंपनियों का कुल मूल्य में सिर्फ दो प्रतिशत की वृद्धि हुई।
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा कि कुल मूल्यांकन में दो प्रतिशत की यह बढ़ोतरी नौ साल पुरानी इस सूची में सबसे धीमी है। यह सूची एक ऐसे साल की कहानी बताती है जिसमें तेजी कम हुई। नए आने वालों का प्रदर्शन दिखाता है कि क्षेत्र की रफ्तार किस तरफ बढ़ी है।
इस सूची में डीएलएफ 1.46 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ सबसे ऊपर है। उसके बाद लोढ़ा डेवलपर्स का स्थान है जिसका मूल्यांकन 93,700 करोड़ रुपये है। टाटा ग्रुप का होटल उद्यम आईएचसीएल 93,300 करोड़ रुपये के मूल्य के साथ तीसरे स्थान पर है और गौतम अदाणी चौथे स्थान पर हैं।
रितेश अग्रवाल की कंपनी 'प्रिज्म' या 'ओयो' शीर्ष-10 में शामिल होकर पांचवें नंबर पर आ गई है। इसका मूल्यांकन दोगुना से अधिक होकर 67,200 करोड़ रुपये हो गया है।
मूल्यांकन में गिरावट के बावजूद शीर्ष-तीन कंपनियों की रैंकिंग पिछले साल जैसी ही बनी हुई है। वहीं, अदाणी प्रॉपर्टीज, ओयो और के रहेजा कॉर्प के मूल्यांकन में वृद्धि हुई है, जबकि ओबेरॉय रियल्टी, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रॉपर्टीज और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों की रैंकिंग में गिरावट आई है।
भाषा रमण अजय
अजय
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