पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के बाद राजमार्ग बंद
शोभना
- 10 Jul 2026, 11:11 PM
- Updated: 11:11 PM
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) देश के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को भी बारिश का कहर जारी रहा। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण कई महत्वपूर्ण राजमार्ग अवरुद्ध हो गए, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में नदियों के उफान पर होने से प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।
बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान सहित देश के कुछ हिस्सों में लगातार कई दिनों की भारी बारिश के बाद शुक्रवार को मौसम शुष्क रहा।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ। यातायात बाधित रहा, पुल क्षतिग्रस्त हो गए और कई पेड़ उखड़ गए। राज्य के अनेक हिस्सों में स्कूल बंद रहे।
कुल्लू जिले में 70 वर्षीय व्यक्ति की पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं सोलन जिले के अर्की क्षेत्र में एक वाहन पर चट्टान गिरने से दो लोग घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग, वाकनाघाट-कंडाघाट तथा धर्मपुर-चक्की मोड़ के बीच चट्टानें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। किन्नौर जिले में पिछले वर्ष सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और भारतीय सेना की सहायता से बनाए गए सांगला पुल पर भी भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि पुल को और नुकसान पहुंचने पर सांगला घाटी का संपर्क शेष स्थानों से कट सकता है।
स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम से सिरमौर और सोलन जिलों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई।
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश के कारण भूस्खलन की कई घटनाएं हुईं और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित राज्य की 118 सड़कें बंद हो गईं। इस दौरान एक किशोर की मौत हो गई, कई लोग घायल हुए और शुक्रवार को अनेक स्थानों पर स्कूल बंद रखे गए।
अधिकारियों ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है।
उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी के निकट यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है और मौके पर मरम्मत का कार्य जारी है।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नागुन और नालू पानी के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण यातायात बार-बार बाधित होता रहा।
लगातार बारिश के कारण गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों के साथ-साथ कई छोटी नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया।
अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश की सीमा से लगे मिजोरम के लुंगलेई जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण खावथलांगतुइपुई नदी उफान पर आ गई। इसके बाद 80 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
उन्होंने बताया कि राज्य में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाएं 29 से अधिक स्थानों पर हुई हैं। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, लुंगलेई जिले के बुआल्टे गांव के बाहरी इलाके में भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-54 बंद है। वहां कई पर्यटक पिछले चार दिनों से फंसे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इस भूस्खलन के कारण राज्य के दक्षिणी जिले लॉन्गतलाई और सियाहा का राज्य के अन्य हिस्सों से संपर्क भी कटा हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि आइजोल-थेंजॉल-लुंगलेई राजमार्ग भी आइजोल के दक्षिणी बाहरी इलाके नगाइजेल में बड़े पैमाने पर चट्टानें गिरने और भूस्खलन के कारण अवरुद्ध है।
एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण त्रिपुरा के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई है। इससे 4,000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और करीब 11,000 लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
उत्तर प्रदेश में भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जबकि बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई।
मेरठ जिले के मवाना में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान राज्य में सर्वाधिक 315 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद मुजफ्फरनगर जिले के जानसठ में 270.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मध्य भागों के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय हो गया है।
आईएमडी के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के लिए 11 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
नोएडा में 28 वर्षीय युवक की सेक्टर-58 में काम पर जाते समय कथित तौर पर बारिश के पानी से भरी सड़क किनारे की नाली में गिरने से मौत हो गई।
वहीं मुजफ्फरनगर जिले में भारी बारिश के दौरान कच्चा मकान ढहने से 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई और उसका पति घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि बलरामपुर जिले में धान के खेत में काम कर रहे 21 वर्षीय किसान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
दिल्ली में लगातार दो दिनों की बारिश के बाद शुक्रवार को आसमान साफ रहा। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि शहर में अगले कुछ दिन मौसम शुष्क और अपेक्षाकृत गर्म रहने की संभावना है तथा बाद में मानसून के फिर से सक्रिय होने की उम्मीद है।
राजस्थान मौसम विभाग ने भी अनुमान जताया कि शुक्रवार से राज्य में मानसून कमजोर पड़ेगा, जिससे जारी भारी बारिश का दौर थम जाएगा।
विभाग के अनुसार, 10-11 जुलाई से राज्य में कमजोर मानसूनी परिस्थितियां बनने की संभावना है, जो लगभग एक सप्ताह तक बनी रह सकती हैं। इस दौरान राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में मौसम सामान्यतः शुष्क रहेगा और केवल कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्से में भी शुक्रवार को भारी बारिश हुई। राज्य के उत्तरी भाग में स्थित कूचबिहार में शुक्रवार सुबह तक दर्ज पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 143 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण कोलकाता में स्कूल और कार्यालय जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई हिस्सों, विशेषकर सॉल्ट लेक के सेक्टर-5 आईटी हब में जलभराव और धीमी यातायात व्यवस्था देखी गई।
मौसम विभाग के अनुसार, नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाले दमदम क्षेत्र में दक्षिण बंगाल में सर्वाधिक 96 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिम कामेंग, अपर सुबनसिरी और तिरप जिलों में आई ताजा बाढ़ और भूस्खलन से मकानों, सड़कों और फसलों को नुकसान पहुंचा।
राज्य में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। पापुम पारे जिले में लापता एक महिला का शव बरामद होने के बाद यह संख्या बढ़ी।
असम के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने आईएमडी द्वारा शुक्रवार से अगले कुछ दिनों तक गुवाहाटी सहित राज्य के अधिकतर हिस्सों में व्यापक वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इससे जलभराव, अचानक बाढ़, यातायात की धीमी रफ्तार और संवेदनशील इलाकों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
आईएमडी ने शुक्रवार को जारी अपने बुलेटिन में कहा कि 10 से 16 जुलाई के बीच अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अनेक स्थानों पर व्यापक वर्षा होने की संभावना है। वहीं अगले छह से सात दिनों के दौरान मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में वर्षा की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है।
हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी शुक्रवार को बारिश हुई, जिससे अधिकतर स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। चंडीगढ़ में भी हल्की वर्षा दर्ज की गई।
अधिकारियों ने बताया कि मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर 17 जुलाई तक रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। भोर घाट खंड में भूस्खलन के कारण मध्य रेलवे ने 30 लंबी दूरी और अंतर-शहरी ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
उन्होंने बताया कि छह जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के कारण कर्जत और लोनावला स्टेशनों के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि केरल के वायनाड भूस्खलन स्थल से एक और शव बरामद किया गया, जिसके बाद इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई।
भाषा राखी शोभना
शोभना
1007 2311 दिल्ली