तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने करूर भगदड़ को लेकर द्रमुक और पुलिस को घेरा
अविनाश
- 10 Jul 2026, 03:47 PM
- Updated: 03:47 PM
(तस्वीरों के साथ)
करूर (तमिलनाडु), 10 जुलाई (भाषा) करीब एक वर्ष पहले तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत के बाद पार्टी संस्थापक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पहली बार शुक्रवार को करूर पहुंचे और इस घटना को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) तथा पुलिस को घेरा।
उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक ने 2025 में करूर में हुई भगदड़ की दुखद घटना से ''राजनीतिक लाभ'' उठाने की कोशिश की और उन्हें इस पश्चिमी जिले का दौरा करने से भी रोका।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार यहां आए विजय ने पुलिस की भी आलोचना करते हुए कहा कि उसने 27 सितंबर को टीवीके की सभा के आयोजन स्थल पर उन्हें बढ़ती भीड़ के बारे में न तो आगाह किया और न ही भीड़ के बेकाबू होने पर सभा रद्द करने का कोई कदम उठाया। विजय ने 2024 में टीवीके की स्थापना की थी।
विजय ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ''पुलिस हमें बता सकती थी कि भीड़ लगातार बढ़ रही है और उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है। पुलिस के पास सभा रद्द करने का पूरा अधिकार था। लेकिन ऐसा करने के बजाय पुलिस हमें अपनी सुरक्षा में राजमार्ग तक ले गई।''
विजय पिछले साल करूर जाकर पीड़ित 41 परिवारों से नहीं मिल सके थे। बाद में उन परिवारों को चेन्नई के पास लाया गया, जहां उन्होंने स्वयं उनसे मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
शुक्रवार को आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा, ''मुझे पुलिस पर पूरा भरोसा था। मैंने मंच से पुलिस का धन्यवाद भी किया था। मुझे उस समय इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई का पता नहीं था। यह सब किसकी जिम्मेदारी थी? किसके निर्देश पर यह सब किया गया?''
विजय ने उस समय सत्ता में रही द्रमुक का नाम लिए बगैर कहा, ''उन्होंने इस त्रासदी से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि करूर भगदड़ से उन्हें काफी पीड़ा हुई।
उन्होंने कहा, ''2025 की करूर भगदड़ में हमारी बहनों ने अपने बच्चों को खो दिया।''
काले रंग के परिधान में पहुंचे मुख्यमंत्री विजय ने घोषणा की कि उनकी पार्टी टीवीके करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में एक स्मारक का निर्माण कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''आप (द्रमुक) ने मुझ पर छिपने का आरोप लगाया और मेरे खिलाफ तरह-तरह की बातें कहीं।'' उन्होंने दावा किया कि करूर में भगदड़ की घटना के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें वहां नहीं जाने की सलाह दी थी।
विजय ने कहा, ''मैं ऐसा नेता नहीं हूं जो राजनीति में राजनीतिक लाभ कमाने के लिए आया हो। मैं लोगों का आभार व्यक्त करने और उनकी सेवा करने के लिए राजनीति में आया हूं। क्या आपको लगा कि मैं भाग जाऊंगा? अगर मुझसे पैसे और जनता में से किसी एक को चुनने के लिए कहा जाए, तो मैं जनता को चुनूंगा... मेरे लिए सिर्फ जनता ही महत्वपूर्ण है।''
उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा के लिए उन्होंने अपना लोकप्रिय और बेहद सफल फिल्मी करियर भी छोड़ दिया।
विजय ने कहा कि अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में द्रमुक की हार पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, ''द्रमुक की ऐसी हार सुनिश्चित करें, जिससे वह लंबे समय तक उबर न सके।''
किसी का नाम लिए बिना विजय ने द्रमुक नेताओं वी. सेंथिल बालाजी और ई. वी. वेलु पर भी निशाना साधा। उन्होंने अपनी चर्चित टिप्पणी दोहराते हुए ''द्रमुक को बुरी ताकत'' बताया और लोगों से आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी को करारा जवाब देने की अपील की।
गौरतलब है कि मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी. अशोक कुमार को अग्रिम जमानत दी थी। दोनों ने टीवीके सरकार को अस्थिर करने के लिए कथित तौर पर 35 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश से जुड़े मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताई थी। वहीं, पूर्व द्रमुक सरकार में लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी) मंत्री रहे ई. वी. वेलु भी कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
द्रमुक पर हमला करते हुए विजय ने आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में हर सरकारी विभाग से ''पार्टी फंड'' के नाम पर भ्रष्टाचार के जरिए धन वसूला जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि अन्नाद्रमुक अब एक कमजोर और अप्रभावी राजनीतिक ताकत बन चुकी है। विजय ने तमिलनाडु के पारंपरिक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी द्रमुक और अन्ना द्रमुक के बीच ''मिलीभगत'' होने का भी आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम के सत्ता में आने के दो महीने बाद सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी दफ्तरों में एक पैसा भी रिश्वत नहीं ली जा रही है और लोगों को उनका उचित सम्मान मिल रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुलकर कहें कि वे रिश्वत नहीं देंगे। विजय ने कहा कि अगर कोई रिश्वत मांगे तो मेरा नाम लेकर उसका विरोध करें। उन्होंने यह दावा भी किया कि उनकी सरकार ने राज्य में 'वोट के बदले नोट' की संस्कृति को समाप्त कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने मेकेदातु बांध परियोजना के मुद्दे पर भी द्रमुक की आलोचना करते हुए कहा कि इस मामले में पार्टी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि जब एम. के. स्टालिन मुख्यमंत्री थे, तब इस संबंध में दायर याचिका को उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
विजय ने कहा कि वह तमिलनाडु के अधिकारों की पूरी मजबूती से रक्षा करेंगे और राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले परिसीमन को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने नवजात शिशुओं के लिए सोने की अंगूठी देने की योजना का भी जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत द्रविड़ आंदोलन के महान नेता सी. एन. अन्नादुरै की जयंती पर की जाएगी।
विजय ने विपक्ष के विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ''जनता हमारे साथ है।''
सभा के बाद विजय ने करूर में रोड शो भी किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। विजय ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया।
भाषा
गोला अविनाश
अविनाश
1007 1547 करूर