अयोध्या में आस्था की बात कहने वालों ने कभी हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किया था : योगी
रंजन
- 10 Jul 2026, 03:33 PM
- Updated: 03:33 PM
अयोध्या (उप्र), 10 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग आज अयोध्या में आस्था की बात कर रहे हैं, उन्होंने कभी हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किया था।
मुख्यमंत्री अयोध्या में 432 करोड़ रुपये की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री दिवंगत मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा के अनावरण के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
योगी ने कहा, "आज अयोध्या में जो लोग आस्था की बात कह रहे हैं, इन्होंने हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किया था।"
उन्होंने कहा, "आप सोचिए, क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कर पाएगा? क्या सरकारें ऐसा करवा पाएंगी? क्या समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ऐसा करवा पाएंगी? अगर नहीं, तो फिर अयोध्या में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया गया?"
एक अधिकारी के अनुसार योगी आदित्यनाथ नवंबर 2003 की एक घटना का जिक्र कर रहे थे, जब हनुमान जी के प्रसिद्ध मंदिर ''हनुमानगढ़ी'' के बाहर नमाज़ पढ़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी।
नमाज की घटना के बारे में पूछे जाने पर, उप्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक और भाजपा के राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा से कहा, "यह सच है। यह घटना नवंबर 2003 की है, जब रमजान का महीना चल रहा था।"
बृजलाल ने कहा, "उस समय मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार जा चुकी थी।" उन्होंने संकेत दिया कि पूरा 'नमाज़ का प्लान' तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान बनाया गया था, जो कथित तौर पर "समाजवादी पार्टी और वामपंथी झुकाव वाले एक अधिकारी" के कहने पर किया गया था।
बृजलाल ने बताया कि, "नमाज के बाद रोज़ा इफ्तार करने की योजना थी, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी क्योंकि फैजाबाद (अब अयोध्या) के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव सभरवाल ने साफ़ कह दिया कि वह इसकी इजाजत नहीं देंगे।"
उन्होंने बताया कि विरोध के बाद, आखिरकार हनुमानगढ़ी के महंत के घर पर नमाज़ पढ़ी गई, जो मंदिर के पास ही है। बृजलाल ने बताया, "असली योजना हनुमानगढ़ी के ठीक बाहर नमाज़ पढ़ने की थी, लेकिन पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी।"
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज अयोध्या तीनों लोकों से न्यारी और वैभवशाली नगरी के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप अयोध्या अब सौर ऊर्जा आधारित शहर बन चुका है और देश के प्रमुख शहरों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ।
मुख्यमंत्री ने अपने आरोप दोहराते हुए कहा, "उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया और हमने अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और सनातन धर्म की राजधानी के रूप में पुनः स्थापित करने का कार्य किया है।"
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कराए गए विकास कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया।
हाल के दिनों में राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों को लेकर विपक्ष ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए हैं। सात जून को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया था।
इससे पहले 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम भक्तों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा था कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच "दूध का दूध और पानी का पानी" कर देगी।
उन्होंने कहा था कि राम जन्मभूमि के लिए जब लोगों ने 500 वर्षों तक संघर्ष किया है, तो कुछ दिन और इंतजार किया जा सकता है।
इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र के इस्तीफे मंजूर किए जा चुके हैं।
मामले की जांच जारी है।
भाषा आनन्द नरेश रंजन
रंजन
1007 1533 अयोध्या