दिल्ली के रोहिणी में इमारत ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हुई, प्राथमिकी दर्ज
सिम्मी
- 09 Jul 2026, 10:29 AM
- Updated: 10:29 AM
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली के रोहिणी इलाके में निर्माणाधीन इमारत ढहने के बाद बुधवार रातभर चले बचाव अभियान के दौरान मलबे से दो और शव बरामद किए गए और इसके साथ ही इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस हादसे में एक मजदूर घायल हुआ है। हालांकि, प्राथमिकी के विस्तृत विवरण की तुरंत जानकारी नहीं मिल सकी है।
बुधवार शाम भारी बारिश के दौरान निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढहने के बाद शुरू किया गया बचाव अभियान अब समाप्त हो गया है।
पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) शशांक जायसवाल ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ''अभियान के दौरान एक मजदूर को मलबे से जीवित निकाला गया है और उसकी पहचान सद्दाम उर्फ रवि (32) के रूप में हुई है। वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।''
उन्होंने बताया कि बचाव अभियान के दौरान तीन शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान स्थानीय दर्जी राम (42), मजदूर काफे उर्फ नुरुल (24) और राम दुआ (62) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि राम दुआ इमारत के मालिक के पिता हैं।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि राम दुआ को अस्पताल ले जाया गया था जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अन्य दो शवों को लंबे समय तक चले तलाश अभियान के बाद मलबे से बाहर निकाला गया।
बयान में कहा गया है कि बचाव अभियान लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, मलबा हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे में कोई और तो नहीं फंसा है।
जायसवाल ने कहा कि इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और इमारत ढहने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
यह हादसा बुधवार शाम चार बजकर 20 मिनट पर सेक्टर-16 स्थित नगर निगम के एक स्कूल के पास हुआ। निकाय की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, जी-4/152 और जी-4/153 नंबर की संपत्तियां इस घटना में प्रभावित हुई हैं।
इसके बाद पुलिस, डीएफएस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), राजस्व विभाग और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया तथा मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी लगाई।
एमसीडी ने बुधवार को बताया कि यह इमारत हाल में बनाई गई थी और इसके नक्शे 'सरल' योजना के तहत स्वीकृत किए गए थे।
नगर निगम के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, हादसे के समय इमारत में 'प्लंबिंग' (भवनों में जल आपूर्ति और अपशिष्ट निकासी के लिए पाइप एवं उपकरण स्थापित करना और उनका रखरखाव करना) का काम किया जा रहा था।
हालांकि, एमसीडी ने स्पष्ट किया कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच में स्वीकृत भवन नक्शों के अनुपालन, निर्माण की गुणवत्ता, संभावित संरचनात्मक बदलावों तथा परियोजना से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
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