अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की आशंका से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,677 अंक फिसला
अजय
- 08 Jul 2026, 05:17 PM
- Updated: 05:17 PM
मुंबई, आठ जुलाई (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ अंतरिम समझौता खत्म करने की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आने से बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,677 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी 517 अंक टूट गया।
विश्लेषकों ने कहा कि पहली तिमाही में कंपनियों के कमजोर नतीजों के अनुमान को लेकर निवेशकों में चिंता होने से भी बाजार में 'जोखिम से बचने' का रुख देखने को मिला।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15 प्रतिशत गिरकर 76,503.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,921.69 अंक लुढ़ककर 76,259.03 अंक पर आ गया था।
इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 516.65 अंक यानी 2.12 प्रतिशत टूटकर 23,882.05 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका हावी होने से कच्चा तेल फिर से चढ़ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 6.18 प्रतिशत चढ़कर 78.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ''होर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक जहाजों पर ईरान के हमले के बाद ट्रंप ने अंतरिम शांति समझौते को समाप्त घोषित कर दिया जिससे भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया है। इस घटनाक्रम से कच्चे तेल की कीमतों में करीब सात प्रतिशत की तेजी आई, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी पड़ा।''
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 2.14 प्रतिशत की गिरावट पर रहा जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप सेलेक्ट 1.61 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
चौतरफा गिरावट के चलते सभी क्षेत्रवार सूचकांक गिरकर बंद हुए। सेवा खंड में सर्वाधिक 3.21 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि पीएसयू बैंक खंड में 2.76 प्रतिशत, एफएमसीजी खंड में 2.54 प्रतिशत, वित्तीय सेवा खंड में 2.49 प्रतिशत और बैंकिंग सूचकांक में 2.46 प्रतिशत की गिरावट रही।
बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 3,211 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए जबकि 1,070 शेयरों में तेजी रही और 173 अन्य अपरिवर्तित रहे।
इक्विरस वेल्थ के प्रबंध निदेशक एवं व्यवसाय प्रमुख अंकुर पुंज ने कहा, ''पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद निवेशकों के जोखिम से दूरी बनाने से वैश्विक बाजारों में बिकवाली आई, जिसका असर घरेलू सूचकांकों पर भी तेज गिरावट के रूप में दिखा। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी से भी निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा।''
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 59 पैसे कमजोर होकर 95.55 रुपये प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 5.35 प्रतिशत गिर गया, जबकि जापान का निक्की 2.11 प्रतिशत और चीन का शंघाई कम्पोजिट 0.49 प्रतिशत नीचे आया। हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग 2.99 प्रतिशत चढ़ गया।
यूरोपीय बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार मंगलवार को नकारात्मक दायरे में बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 393.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स 104.35 अंक गिरकर 78,180.72 अंक पर और निफ्टी 31.65 अंक टूटकर 24,398.70 अंक पर आ गया था।
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