पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह के बीच पार्टी नेताओं के साथ बघेल की बैठक
सुभाष
- 08 Jul 2026, 12:44 AM
- Updated: 12:44 AM
चंडीगढ़, सात जुलाई (भाषा) पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच, राज्य के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने मंगलवार को पार्टी नेताओं के साथ अपनी पहले से तय बैठकें जारी रखीं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर फिर से विचार करने की मांग कर रहे लोगों ने अभी तक छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मंगलवार को हालांकि दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चन्नी एक-दो दिन में बघेल से मुलाकात करेंगे।
वडिंग ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सोमवार को बघेल ने दो समितियों को छोड़कर बाकी सभी समितियों के प्रमुखों के साथ बैठकें कीं।
उन्होंने कहा कि पार्टी की प्रचार समिति के अध्यक्ष चन्नी और कोर कमेटी के अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह रंधावा एक-दो दिन में बघेल से मिलेंगे।
वडिंग ने कहा, "चन्नी ने बघेल को बताया था कि वह एक-दो दिन बाहर रहेंगे।"
भारत भूषण आशु समेत चन्नी के करीबी माने जाने वाले अन्य नेता अभी तक बघेल से नहीं मिले हैं। बघेल ने वरिष्ठ पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए सोमवार को अपना पांच दिवसीय पंजाब दौरा शुरू किया।
वडिंग और वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सोमवार को हवाई अड्डे बघेल की अगवानी की, जबकि चन्नी और उनके खेमे के अन्य नेता वहां मौजूद नहीं थे।
मंगलवार सुबह बघेल ने प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका के साथ नाश्ते पर बैठक की।
इसके अलावा, वेरका ने चन्नी से भी अलग से मुलाक़ात की, क्योंकि पार्टी नेतृत्व चन्नी के नेतृत्व वाले 'बागी' गुट को मनाने की कोशिशें तेज करता हुए नजर आया।
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
सोमवार को मोहाली में चन्नी की मौजूदगी में कई वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब कई मौजूदा और पूर्व विधायकों ने प्रदेश इकाई प्रमुख के पद के लिए लोकसभा सदस्य (चन्नी) के नाम पर फिर से विचार करने का समर्थन किया था।
पिछले बुधवार को पंजाब कांग्रेस प्रमुख के तौर पर वडिंग को बनाए रखने की घोषणा की गई, साथ ही 2027 के चुनावों के लिए पार्टी की अलग-अलग समितियों का भी ऐलान किया गया।
सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचने पर जब पत्रकारों ने बघेल से प्रदेश अध्यक्ष के मुद्दे पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें दो-तीन दिन का समय दिया जाए, जिसके बाद वे इस बारे में जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा था कि वे कार्यकारी अध्यक्षों, पदाधिकारियों और जिला इकाई के अध्यक्षों से और बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात करेंगे।
मंगलवार को जब उनसे पूछा गया कि "चन्नी गुट" से कोई उनसे मिलने नहीं आया है, तो बघेल ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा, "मैंने कल क्या कहा था? मैं इस हफ़्ते यहीं हूं। मुझे 2-3 दिन का समय दें, फिर मैं आपसे बात करूंगा। मुझे समय दें और काम करने दें, फिर मैं वापस आऊंगा।"
वेरका ने पत्रकारों से कहा कि सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, "कोई समस्या नहीं है और सब कुछ सुलझा लिया जाएगा।"
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंगलवार को 'पीटीआई वीडियो' से कहा कि सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा और पार्टी नेताओं को यह भी सुझाव दिया कि उनके जो भी मुद्दे हों, उन्हें यह पक्का करना चाहिए कि कोई भी "लक्ष्मण रेखा" पार न करे।
उन्होंने कहा, "पंजाब के लोग बदलाव चाहते हैं और कांग्रेस एक बेहतर विकल्प है। अगर हम एकजुट रहेंगे, तो लोग हमारी ओर देखेंगे। जब हम सरकार बनाएंगे, तभी कोई मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री बन सकेगा और अन्य पद संभाल सकेगा। अगर हम लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, तो हमें विपक्ष में बैठना होगा।"
प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की मांग कर रहे कुछ नेताओं का सीधे तौर पर जिक्र किए बिना बाजवा ने कहा कि इच्छा रखने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाए।
उन्होंने कहा कि चन्नी छोटे भाई की तरह हैं। उन्होंने कहा, "हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं। हर पार्टी में मतभेद होते हैं, लेकिन उन्हें बाहर नहीं आना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है जहां किसी प्रदेश नेता को पार्टी हित में कोई बलिदान देना पड़े, तो इसमें कोई हानि नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया, ''यह एक सामान्य बात है, मैं किसी विशेष व्यक्ति का उल्लेख नहीं कर रहा हूं।''
बाजवा ने कहा, "मैंने सोमवार को बघेल के साथ विस्तार से चर्चा की और उनसे कहा कि जो भी मामले उनके स्तर पर सुलझाए जा सकते हैं, उन्हें सुलझाने की कोशिश करें। कुछ ऐसी बातें भी हो सकती हैं जिनमें पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की जरूरत पड़े, तो वह भी किया जा सकता है।"
उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि कुछ मामलों को निचली अदालतों के स्तर पर निपटाया जाता है, जबकि कुछ के लिए ऊपरी अदालत के दखल की जरूरत होती है। उनका इशारा पार्टी आलाकमान की ओर था।
बघेल ने 'एक्स' पर एक काव्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ''कहना-सुनना जारी है, मिलना-जुलना जारी है। कह रहा है हर पंजाबी, अबकी बार कांग्रेस की बारी है।''
जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बघेल ने विश्वास जताया कि पार्टी आगामी चुनावी मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा, ''पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी से पूरी तरह निराश हो चुकी है। इस पार्टी ने न केवल लोगों के साथ विश्वासघात किया, बल्कि राज्य को दिवालियापन और कानून-व्यवस्था की बदहाली के कगार पर पहुंचा दिया।''
बघेल ने कहा, ''शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी जैसे अन्य विपक्षी दल भी लोगों की नजर में कहीं नहीं हैं, क्योंकि पंजाब की जनता अब केवल कांग्रेस की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है।''
उन्होंने कहा, ''यह समय जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उद्देश्य और मिशन को लेकर पूरी एकजुटता है, और वह मिशन पंजाब में कांग्रेस की फिर से सरकार बनाना है।''
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