एलपीजी सिलेंडर के दाम में कमी राजनीतिक अवसरवादिता की पराकाष्ठा : तृणमूल कांग्रेस
धीरज अविनाश
- 08 Mar 2024, 07:08 PM
- Updated: 07:08 PM
कोलकाता, आठ मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की घोषणा की आलोचना की। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल ने लोकसभा चुनाव से पहले इस कदम को ‘‘राजनीतिक अवसरवादिता की पराकाष्ठा’ करार दिया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी ने इसे ‘ सांकेतिक कटौती’ और ‘सस्ता राजनीतिक हथकंडा’ भी करार दिया।
आम चुनावों से महज कुछ सप्ताह पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को रसोई गैस एलपीजी की कीमत में 100 रुपये प्रति सिलेंडर कटौती की घोषणा की ताकि परिवारों पर से कुछ बोझ कम हो।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महिला दिवस के अवसर पर आज हमने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की छूट का बड़ा फैसला किया है।’’उन्होंने कहा कि इससे नारी शक्ति का जीवन आसान होने के साथ ही करोड़ों परिवारों का आर्थिक बोझ भी कम होगा।
इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने प्रधानमंत्री का मखौल उड़ाते हुए कहा, ‘‘देश को प्रधानमंत्री चाहिए लेकिन हमारे पास ‘चुनाव’ मंत्री हैं।’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आम चुनाव से पहले मोदी सरकार ने एलपीजी सिलेंडर के दाम घटा दिए हैं; यह राजनीतिक अवसरवादिता की परकाष्ठा है। गत सालों में महिला उपभोक्ता एलपीजी सिलेंडर की आसमान छूती कीमत का बोझ उठा रही थीं।’’
तृणमूल सांसद साकेत गोखले ने दावा किया कि मोदी की ‘नारी शक्ति’ चुनाव अभियानों तक सीमित है।
उन्होंने ‘एक्स’पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी के लिए यह कोई मायने नहीं रखता कि भारत की महिलाएं एलपीजी की आसमान छूती कीमतों के बीच पूरे साल कैसे गुजारती हैं...यही एकमात्र समय है जब उन्हें याद आता है कि महिलाओं का अस्तित्व है।’’
तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता सांतनु सेन ने इस फैसले को खारिज करते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘चुनावी हथकंडा’ करार दिया।
इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि इस कमी से लोगों को मामूली राहत मिलेगी। हालांकि उन्होंने एलपीजी सिलेंडर के दाम में पूर्व में की गई बढ़ोतरी को लेकर भाजपा की आलोचना की।
पिछले छह महीने में यह दूसरी बार है जब रसोई गैस की कीमत में कमी की गई है।
सरकार ने पिछले साल अगस्त में मध्यप्रदेश और राजस्थान सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले प्रति सिलेंडर 200 रुपये की कटौती की थी। इस साल आम चुनाव अप्रैल और मई में प्रस्तावित है।
भाषा धीरज