बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला: पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच तेज की
नरेश
- 07 Jul 2026, 03:07 PM
- Updated: 03:07 PM
कोलकाता, सात जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं, जांचकर्ता फॉरेंसिक और विसरा की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मामले की पड़ताल जारी है। हम घटनाक्रम का सही क्रम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का पता लगा रहे हैं।''
अधिकारी के अनुसार, आरोपियों में से एक नाबालिग बच्ची को कथित तौर पर उस झोपड़ी में ले गया, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले तीनों आरोपियों ने नशीले पदार्थों का सेवन किया था।
उन्होंने बताया, '' प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।''
जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ''आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।''
इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटे-मॉर्टम डूबने' के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी।
अधिकारी ने कहा, '' फॉरेंसिक और विसरा जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।''
जांचकर्ताओं का मानना है कि तालाब में फेंके जाने से पहले चोटों के कारण बच्ची बेहोश हो गई थी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़ों और पेट में पानी मिलने का उल्लेख है, जिसकी जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बच्ची को तालाब में फेंकने के बाद तीनों आरोपी अलग-अलग वहां से चले गए।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता ने मंगलवार को उस संदिग्ध स्थान का दौरा किया, जहां वारदात होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। उनके साथ मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने पूरे इलाके का निरीक्षण किया।
घटना को 'संवेदनशील मामला' बताते हुए डीजीपी गुप्ता ने पत्रकारों से कहा, ''इस समय हम जांच के बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं कर सकते। जांच को आगे बढ़ने दीजिए।''
पीड़िता के माता-पिता द्वारा लगाए गए इस आरोप पर कि शनिवार को बच्ची के गुमशुदा होने के बाद बार-बार अनुरोध करने के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, डीजीपी ने कहा, ''हम इस पहलू की भी जांच करेंगे। यदि यह पाया गया कि पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी हुई थी, तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।''
लड़की का शव सुर्ज्यापुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था।
रविवार को शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
भाषा शोभना नरेश
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