राम मंदिर को दान में प्राप्त सभी वस्तुएं सुरक्षित,30 किलो से अधिक सोने की चीजें मौजूद:कोषाध्यक्ष
संतोष
- 07 Jul 2026, 01:01 PM
- Updated: 01:01 PM
अयोध्या (उप्र), सात जुलाई (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मंगलवार को बताया कि ट्रस्ट के पास अभी भक्तों की ओर से दान की गईं 30 किलोग्राम से अधिक सोने जैसी चीजें और 1,518 किलोग्राम से अधिक चांदी जैसी वस्तुएं मौजूद हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दावा किया कि दान की गयी हर चीज का पूरा हिसाब रखा गया है।
गिरी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मंदिर को दान की गई सभी 2,926 कीमती चीजें 'सुरक्षित' हैं और उनका रिकॉर्ड रखा गया है।
इससे पहले सोमवार को ट्रस्ट ने मीडिया के सामने मंदिर को दान की गई कई चीजों जैसे सोने की 'रामचरितमानस' और हीरा जड़ित हार आदि को प्रदर्शित किया था।
चांदी की 'चरण पादुका' और चांदी की 'काकभुशुंडी' से संबंधित कलाकृति (जिनके बारे में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया था कि वे उन चीजों की फेहरिस्त में शामिल हैं जो गायब हैं या फिर उनका कोई हिसाब-किताब नहीं है) को भी यहां मीडियाकर्मियों के सामने दिखाया गया था। इसके बाद गिरि ने मंगलवार को दान के बारे में यह जानकारी दी।
ट्रस्ट ने कहा कि इन कीमती चीजों में सोना, चांदी और हीरे जड़ित गहने, धार्मिक चीजें, मुकुट, हार, चरण पादुका, चांदी की ईंटें और राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से भक्तों द्वारा दी गई अन्य चीजें शामिल हैं।
ट्रस्ट ने कहा कि दान की गई हर चीज का पूरा हिसाब—किताब रखा गया है और उसमें दान करने वाले का विवरण, दान की तारीख और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज हैं।
गिरि ने अनीता भारद्वाज नामक श्रद्धालु द्वारा दान की गई चांदी की काकभुशुंडी की मूर्ति का भी जिक्र किया और कहा कि दान की गई जिन चीजों को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलायी जा रही थीं वे मंदिर में सुरक्षित हैं।
गिरि ने मंगलवार को कहा कि ट्रस्ट को 31 मार्च 2024 तक 16.765 किलोग्राम सोने जैसी चीजें दान में मिली हैं। उन्होंने बताया कि साल 2024-25 के दौरान 10.445 किलोग्राम और 2025-26 के दौरान 5.050 किलोग्राम सोने जैसी चीजें मिलीं, जिससे 31 मार्च 2026 तक सोने जैसी चीजों की कुल मात्रा 32.259 किलोग्राम हो गई।
गिरि ने कहा कि ट्रस्ट के पास मौजूद चांदी में वे चीजें शामिल हैं जिन्हें उनके मूल रूप में रखा गया है और साथ ही 849.272 किलोग्राम रिफाइंड चांदी भी शामिल है जो दान की गई चांदी की चीजों को सरकारी देखरेख में पिघलाने और अधिक शुद्ध करने के बाद मिली है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने संस्था को मिले अन्य सामान का ब्यौरा देते हुए बताया कि 31 मार्च, 2026 तक ट्रस्ट के पास 1518.925 किलोग्राम चांदी और चांदी जैसी चीजें (जिसमें 849.272 किलोग्राम शुद्ध चांदी शामिल थी) और 32.259 किलोग्राम सोने जैसी चीजें थीं।
उन्होंने कहा कि दान में मिली सभी चीजों का रिकॉर्ड रखा गया और एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म से हर साल उनका भौतिक सत्यापन कराया गया।
गिरि ने बताया कि रिफाइनिंग के लिए भेजी गई चांदी की चीजों को भारत सरकार की टकसाल में प्रसंस्कृत किया गया और उनकी तस्वीरें, वजन का रिकॉर्ड और शुद्धता के प्रमाणपत्र रखे गए। उन्होंने कहा कि साथ ही दान देने वाले हर व्यक्ति को रसीद दी गई।
उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास अनियमितता का कोई प्रमाण है तो उसे बिना जांचे-परखे आरोप लगाने के बजाय मामले की जांच कर रहे विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) को सौंपना चाहिए।
ट्रस्ट की सोमवार को हुई बैठक में दान में हेराफेरी के आरोपों को लेकर मचे विवाद के बाद संस्था की प्रशासनिक और वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने का फैसला भी लिया गया।
ट्रस्ट की बैठक में संस्था के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए एक मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) को नियुक्त करने का फैसला किया गया है।
ट्रस्ट ने कहा कि वह चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों की एसआईटी जांच में सहयोग करेगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के तूल पकड़ने के बाद कई दानदाताओं और लोगों ने दावा किया कि सोने की रामचरितमानस, चांदी की ईंटें और अन्य कीमती उपहार गायब हैं या उनका रिकॉर्ड नहीं रखा गया है।
प्रदेश सरकार ने आरोपों की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था, जिसके प्रारम्भिक प्रतिवेदन के बाद इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
जांच के बीच, ट्रस्ट ने सोमवार को अपने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और ट्रस्ट की बैठक में कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया।
भाषा चंदन सलीम संतोष
संतोष
0707 1301 अयोध्या