अरुणाचल प्रदेश में मौसम बेहतर होने के साथ ही बाढ़ की स्थिति में सुधार
नेत्रपाल
- 04 Jul 2026, 07:33 PM
- Updated: 07:33 PM
ईटानगर, चार जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश में शनिवार को मौसम बेहतर होने के साथ ही बाढ़ की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और पिछले 24 घंटे के दौरान किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, पिछले 24 घंटे में केई पन्योर जिले में बाढ़ से जुड़ी एक घटना की जानकारी मिली।
केंद्र के अनुसार, इस दौरान किसी के हताहत होने या सार्वजनिक अवसंरचना को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं मिली।
केई पन्योर में प्रभावित परिवार राहत शिविरों में आश्रय लिए हुए हैं तथा राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
हालांकि, पिछले कई दिन में बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य आपदाओं का समग्र प्रभाव अब भी गंभीर बना हुआ है।
एसईओसी ने बताया कि राज्य के 222 सर्किल के कुल 305 गांव प्रभावित हुए हैं, जिससे लगभग 92,294 लोग प्रभावित हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, 21 लोग घायल हुए हैं और दो लोग अब भी लापता हैं।
भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन से मकानों, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक अवसंरचना को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि केई पन्योर में अचानक आई बाढ़ में बहीं दो महिलाएं लगातार जारी तलाश अभियान के बावजूद अब तक लापता हैं।
अधिकारियों ने बताया कि 28 जून को अंजाव जिले के सारती गांव में भूस्खलन की एक घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि शेष तीन लोगों की मौत 24 जून को केई पन्योर जिले के पोसा में आई अचानक बाढ़ के कारण हुई।
अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा से आवासीय संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है और कच्चे, पक्के मकानों तथा झोपड़ियों समेत कुल 498 घर पूरी तरह, गंभीर रूप से या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि पूरे राज्य में मौसम की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और रविवार के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि, आईएमडी ने छह जुलाई से अंजाव, लोहित, चांगलांग, तिरप और लोंगडिंग जिले समेत पूर्वी और मध्य अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया है।
आईएमडी के अनुसार, 7 और 8 जुलाई को भी कुछ जिलों में इसी तरह की मौसमी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं, जबकि राज्य के अधिकतर हिस्सों में छिटपुट वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
भाषा जोहेब नेत्रपाल
नेत्रपाल
0407 1933 ईटानगर