तमिलनाडु: भाजपा ने मुख्यमंत्री की कैबिनेट बैठक में बाहरी लोगों के शामिल होने पर आपत्ति जताई
नेत्रपाल
- 04 Jul 2026, 05:02 PM
- Updated: 05:02 PM
चेन्नई, चार जुलाई (भाषा) तमिलनाडु की भाजपा इकाई ने हाल में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दो व्यक्तियों की कथित मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए इसे गोपनीयता की संवैधानिक शपथ का उल्लंघन बताया और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से इस कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन अनधिकृत व्यक्तियों ने मंत्रिमंडल की बैठक में हिस्सा लेकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
उन्होंने दावा किया कि ये दोनों मंत्री नहीं हैं और इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने का अधिकार नहीं था।
नागेंद्रन ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ''मैंने राज्यपाल आर्लेकर से इस मामले में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।''
इस दौरान पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति और तमिलनाडु प्रभारी अरविंद मेनन भी उनके साथ मौजूद थे।
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि हाल में हुई तमिलनाडु मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रियों के अलावा दो निजी व्यक्ति भी शामिल हुए, जो ''एक अवैध कृत्य और गोपनीयता की शपथ का उल्लंघन'' है।
लोक भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ज्ञापन में इस कथित उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हुए राज्यपाल से इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि ज्ञापन में राज्यपाल से मुख्यमंत्री को यह भी सलाह देने का अनुरोध किया गया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हालांकि, विपक्षी दल भाजपा और द्रमुक का आरोप है कि कुछ लोग सत्ता के केंद्र के बेहद करीब पहुंच गए हैं, लेकिन सत्तारूढ़ टीवीके ने स्पष्ट किया है कि जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी दोनों को मुख्यमंत्री का विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया है, इसलिए उन्हें अब निजी व्यक्ति नहीं माना जा सकता।
भाजपा नेता ने कहा कि राज्यपाल से मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन द्वारा बालिकाओं के प्रति कथित अनुचित व्यवहार किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नैनार नागेंद्रन ने कहा, ''टीवीके सरकार के सत्ता संभालने के 54 दिन के भीतर आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है। इस दौरान यौन उत्पीड़न के 151 मामले, 85 से अधिक हत्याएं और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं।''
भाजपा नेता ने एक प्रश्न के उत्तर में मदुरै में स्थानीय अधिकारियों के साथ राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की समीक्षा बैठक का बचाव करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 167 के तहत राज्यपाल को सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने और प्रशासन से आवश्यक जानकारी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अधिकार है।
भाषा
राखी रंजन नेत्रपाल
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