आईसीएआर की समिति आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम की कीमतों में भारी गिरावट की जांच करेगी
अजय
- 03 Jul 2026, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) केंद्र सरकार ने 'भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद' (आईसीएआर) के तहत एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। यह समिति आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट और इसके कारण किसानों को हो रही परेशानी की जांच करेगी।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह कदम तब उठाया जब राज्य के हालिया दौरे के दौरान किसानों ने उन्हें बताया कि पिछले कुछ महीनों में तोतापुरी किस्म (जो प्रसंस्करण उद्योग के लिए बड़े पैमाने पर उगाई जाती है) की कीमतों में भारी गिरावट आई है। किसानों का कहना है कि इससे उनकी आमदनी पर बुरा असर पड़ा है।
वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों वाली इस समिति को तोतापुरी आम की पूरी मूल्य श्रृंखला (खेती, प्रसंस्करण, विपणन, घरेलू व्यापार और निर्यात) की समीक्षा करने का काम सौंपा गया है। यह समिति किसानों की कमाई बढ़ाने और इस क्षेत्र को टिकाऊ बनाने के उपाय भी सुझाएगी।
आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टिट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (सीआईएसएच), लखनऊ के एक आदेश के अनुसार, इस समिति के प्रमुख आईसीएआर-सीआईएसएच के निदेशक, डॉ. टी. दामोदरन होंगे। अन्य सदस्यों में डॉ. एम. शंकरन (हेड, फ्रूट क्रॉप्स डिवीजन, आईसीएआर-आईआईएचआर, बेंगलुरु), डॉ. एच. एस. सिंह (प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर-सीआईएसएच), डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी (प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर, अनंतराजुपेटा, डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी) और आंध्र प्रदेश के बागपानी निदेशक या उनके प्रतिनिधि शामिल होंगे।
चौहान ने समिति को निर्देश दिया है कि वह 10 दिन के भीतर आंध्र प्रदेश में तोतापुरी उगाने वाले मुख्य इलाकों का दौरा करे और जमीनी स्थिति जानने के लिए किसानों, प्रसंस्करणकर्ताओं, निर्यातकों, राज्य के बागवानी अधिकारियों और एफपीओ से बातचीत करे।
यह समिति खेती की लागत, किसानों की आमदनी, प्रसंस्करण क्षमता के इस्तेमाल, मांग-आपूर्ति के रुख और घरेलू व निर्यात बाजारों में कीमतों में गिरावट के कारणों की जांच करेगी। साथ ही, यह पूरी मूल्य श्रृंखला में आने वाली बाधाओं और मौकों की पहचान करेगी।
अपने क्षेत्रवार अध्ययन और बातचीत के आधार पर, समिति कृषि मंत्रालय को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में कीमतों में स्थिरता, मूल्यवर्धन, प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता बढ़ाने और एफपीओ, प्रसंस्करणकर्ताओं व निर्यातकों के बीच बेहतर तालमेल के बारे में सुझाव दिए जाएंगे, ताकि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्रवाई कर सकें।
चौहान ने कहा कि तोतापुरी उगाने वालों की आमदनी और रोजी-रोटी की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर किसानों की मदद करने और इस क्षेत्र में मूल्यवर्धन, निर्यात और निवेश के मौकों को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी की सरकार है, जो केंद्र और राज्य दोनों जगह राजग की एक अहम सहयोगी पार्टी है।
भाष राजेश राजेश अजय
अजय
0307 1949 दिल्ली