सेना प्रमुख ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' के बाद अपने पिता को किया सलाम
नरेश
- 01 Jul 2026, 08:04 PM
- Updated: 08:04 PM
(चौथे पैरा में मामूली सुधार के साथ रिपीट)
(फोटो सहित)
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना की कमान संभालने के बाद बुधवार को अपने पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के एम सेठ को सलामी दी और उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनके चरण स्पर्श किए।
मंगलवार को 31वें सेना प्रमुख का पदभार संभालने वाले जनरल धीरज सेठ को बुधवार को 'साउथ ब्लॉक' के परिसर में आयोजित एक समारोह के दौरान 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया गया। इस अवसर पर उनके भाई, रियर एडमिरल रवनीश सेठ ने भी उन्हें सलामी दी।
खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र जनरल धीरज सेठ को दिसंबर 1986 में भारतीय सेना की आर्म्ड कॉर्प्स में कमीशन प्रदान किया गया था।
जनरल सेठ के नाम एक दुर्लभ उपलब्धि दर्ज है। उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की दो परिचालन कमान- जयपुर स्थित दक्षिण पश्चिमी कमान और पुणे स्थित दक्षिणी कमान का नेतृत्व किया है।
नए सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभालने के एक दिन बाद 'साउथ ब्लॉक' में आयोजित समारोह में जनरल सेठ के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे।
औपचारिक समारोह के बाद जनरल सेठ अतिथि दीर्घा की ओर बढ़े, जहां उन्होंने अपने पिता और पूर्व सैन्यकर्मी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के एम सेठ के सामने खड़े होकर उन्हें सलामी दी। इसके बाद सेना प्रमुख ने अपने पिता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके पिता ने स्नेहपूर्वक उनकी पीठ थपथपाई।
यह क्षण केवल एक पिता और पुत्र के बीच के गहरे स्नेह तथा सम्मान के रिश्ते का ही प्रतीक नहीं था, बल्कि भारतीय सेना के उस व्यापक परिवार की भावना को भी दर्शाता था, जिसमें दो अलग-अलग पीढ़ियों के सैन्य नेताओं के बीच परंपरा, गौरव और मूल्यों का संबंध भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
'गार्ड ऑफ ऑनर' प्राप्त करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में जनरल सेठ ने कहा कि भारतीय सेना एक अनुभवी बल है, जो ''रणभूमि में हर चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार'' रहता है।
उन्होंने कहा, ''31वें सेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण करना मेरे लिए गर्व और कर्तज्ञता का क्षण है। मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य, सम्मान और 'राष्ट्र सर्वोपरि' के आदर्शों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के साथ स्वीकार करता हूं।''
उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले, जनरल सेठ ने राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर सशस्त्र बलों के शहीद वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जनरल सेठ ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह ली है, जो 40 से ज़्यादा वर्षों के शानदार करियर के बाद 30 जून को सेवानिवृत्त हुए।
भाषा आशीष नरेश
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0107 2004 दिल्ली