पंजाब की आर्थिक परेशानियों ने मान सरकार को वीबी-जीरामजी अधिसूचित करने के लिए मजबूर किया : भाजपा
रंजन
- 01 Jul 2026, 05:58 PM
- Updated: 05:58 PM
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को दावा किया कि पंजाब की 'बिगड़ती' आर्थिक स्थिति और 'बढ़ते' कर्ज ने भगवंत मान सरकार को अपनी नीति में बदलाव लाने व राज्य में केंद्र की विकसित भारत ग्रामीण रोजगार योजना एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) को लागू करने के लिए मजबूर कर दिया।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी 'हार' का आभास होने के बाद पंजाब सरकार ने इस योजना को लागू करने का फैसला किया।
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था और वीबी-जीरामजी अधिनियम का विरोध करते हुए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था।
राज्य सरकार ने हालांकि 26 जून को इस योजना के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी की और यह योजना बुधवार से लागू हो गई।
शुक्ला ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, " गुरु-द्रोही' भगवंत मान सरकार ने एक बार फिर अपना रुख बदल लिया। भगवंत मान सरकार ने केंद्र सरकार की 'वीबी-जीरामजी' योजना को लागू करने का फैसला किया है, जो आज, एक जुलाई 2026 से प्रभावी है।"
उन्होंने दावा किया कि मान सरकार ने शुरुआत में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर इस योजना का विरोध किया था।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल किया, "इन छह महीनों में आखिर ऐसा क्या बदल गया कि जिस योजना को कभी गरीब-विरोधी, किसान-विरोधी और दलित-विरोधी बताया गया था, उसे अब पंजाब सरकार अपना रही है?"
उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि भगवंत सिंह मान सरकार को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में अपनी संभावित हार का एहसास हो गया है। यही वजह है कि अब उसने केंद्र सरकार की इस योजना की तारीफ करना शुरू कर दिया है।"
शुक्ला ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने वीबी-जीरामजी योजना पर अपना रुख इसलिए बदला है क्योंकि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है।
उन्होंने कहा कि पंजाब पर वर्तमान में कुल बकाया कर्ज 4.07 लाख करोड़ रुपये है और मौजूदा वित्त वर्ष के अंत तक इसके बढ़कर 4.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब का ऋण-से-जीएसडीपी अनुपात 46 प्रतिशत है, जो देश में सबसे अधिक है, जबकि अन्य भारतीय राज्यों का औसत ऋण-से-जीएसडीपी अनुपात लगभग 29 प्रतिशत है।
उन्होंने दावा किया कि इसके परिणामस्वरूप पंजाब की आय का एक बड़ा हिस्सा अब विकास कार्यों के बजाय कर्ज चुकाने में खर्च हो रहा है।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि मान सरकार का वीबी-जीरामजी योजना के धन का दुरुपयोग करते हुए उसे किसी अन्य योजना में लगाने का इरादा हो सकता है।
उन्होंने कहा, "लेकिन हम इस पर नजर रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि केजरीवाल और उनकी 'गुरु-द्रोही' भगवंत सिंह मान सरकार इस योजना का दुरुपयोग न कर सके।"
भाषा जितेंद्र रंजन
रंजन
0107 1758 दिल्ली