बिहार: पटना का पांच देशरत्न मार्ग बना स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का नया पता
राजकुमार
- 29 Jun 2026, 10:41 PM
- Updated: 10:41 PM
पटना, 29 जून (भाषा) बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता निशांत कुमार सोमवार को यहां अपने सरकारी आवास में चले गए।
उनका यह सरकारी आवास पांच देशरत्न मार्ग है जो मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के ठीक बगल में है।
राज्य सरकार के भवन निर्माण विभाग ने हाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को यह सरकारी आवास आवंटित किया था।
यह विशाल सरकारी आवास परंपरागत रूप से राज्य के उपमुख्यमंत्री का सरकारी आवास माना जाता रहा है।
निशांत कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ''सोमवार को देशरत्न मार्ग स्थित आवास में गृह प्रवेश समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर सत्यनारायण भगवान की पूजा भी हुई, जिसमें मेरे पिता नीतीश कुमार एवं परिवार के अन्य सदस्य शामिल हुए। अब मैं अपने नए सरकारी आवास में रहने आ गया हूं।''
यह सरकारी आवास राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां रह चुकी हैं।
यह आवास इससे पहले तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास था।
इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव भी उपमुख्यमंत्री रहते हुए इसी आवास में रह चुके हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य सरकार ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को सात, सर्कुलर रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया। मुख्यमंत्री पद छोड़ने और राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद से नीतीश कुमार अपने पुत्र निशांत कुमार के साथ वहीं रह रहे थे।
मुख्यमंत्री आवास एक, अणे मार्ग का नाम भाजपा नीत सरकार ने बदलकर 'लोक सेवक आवास' कर दिया है।
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लगभग एक महीने बाद निशांत कुमार ने सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में शामिल होने की सहमति दी थी। इससे पहले उन्होंने सरकार में शामिल होने से इनकार कर जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं को हैरान कर दिया था।
माना जाता है कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के दबाव के बाद उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने का फैसला किया। पार्टी नेतृत्व को आशंका थी कि नीतीश कुमार के सत्ता छोड़ने के बाद संगठन के भविष्य को लेकर कार्यकर्ताओं में असमंजस पैदा हो सकता है।
हाल में विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए निशांत कुमार को यह सरकारी आवास आवंटित किए जाने को राजनीतिक हलकों में उनके बढ़ते प्रभाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र और बिहार, दोनों जगह भाजपा की सरकार जदयू के समर्थन पर निर्भर होने के कारण पार्टी में उनकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक पर्यवेक्षक बताते हैं कि पांच देशरत्न मार्ग का यह बंगला पिछले एक दशक में कई राजनीतिक विवादों का केंद्र रहा है। राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव और दिवंगत भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के बीच इस आवास को लेकर लंबे समय तक विवाद चला था, जो बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों का भी प्रतीक माना गया।
वर्ष 2015 में राघोपुर विधानसभा सीट से जीतने और उपमुख्यमंत्री बनने के बाद तेजस्वी यादव को यह बंगला आवंटित किया गया था। उस समय नीतीश कुमार ने राजद के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी।
दूसरी ओर, 2013 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने तक नीतीश कुमार सरकार के उपमुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार मोदी को एक, पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में बने रहने की अनुमति दी गई थी।
वर्ष 2017 में जदयू के फिर से राजग में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार के बारे में कहा गया कि विपक्ष के नेता बन चुके तेजस्वी यादव का उनके आवास के निकट रहना उन्हें असहज लगता था। इसके बाद तेजस्वी यादव से आवास बदलने को कहा गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। अंततः 2019 में पटना उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें बंगला खाली करना पड़ा।
सुशील कुमार मोदी ने बंगले का कब्जा मिलने के बाद पत्रकारों को परिसर का दौरा कराते हुए आरोप लगाया था कि तेजस्वी यादव ने वहां रहते हुए अत्यधिक वैभवपूर्ण बदलाव कराए थे।
वर्ष 2022 में जदयू के महागठबंधन में लौटने पर तेजस्वी यादव दोबारा उपमुख्यमंत्री बने और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने यह आवास खाली कर दिया।
हालांकि, 2024 में नीतीश कुमार के फिर से राजग में लौटने के बाद तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता बने और उन्हें पांच, देशरत्न मार्ग का बंगला खाली करना पड़ा, जिसके बाद यह आवास सम्राट चौधरी को आवंटित किया गया।
उस समय भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि बंगला खाली करते समय तेजस्वी यादव फर्नीचर भी अपने साथ ले गए, हालांकि राजद नेता ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया था।
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद ऐसी चर्चाएं भी चलीं कि पांच, देशरत्न मार्ग स्थित बंगले को मरम्मत के बाद मुख्यमंत्री आवास परिसर का हिस्सा बनाया जाएगा। हालांकि, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और तेजप्रताप यादव द्वारा इस संबंध में आरोप लगाए जाने के बाद सम्राट चौधरी ने इन अटकलों का खंडन करते हुए कहा था कि बंगले की मरम्मत की जा रही है और जल्द ही इसे नए आवंटी को सौंप दिया जाएगा।
भाषा कैलाश
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