आरएसएस की प्रशंसा पर विवाद के बीच नांगरे पाटिल बोले : मेरी टिप्पणी कानून के दायरे में थी
नरेश
- 29 Jun 2026, 04:01 PM
- Updated: 04:01 PM
नागपुर, 29 जून (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कथित 'प्रशंसा' वाले अपने पुराने वीडियो को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे नागपुर के नव नियुक्त पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने सोमवार को कहा कि उस कार्यक्रम में उन्होंने जो बातें कहीं, वे कानून के दायरे में थीं और उन्होंने किसी भी सेवा नियम का उल्लंघन नहीं किया।
उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता केवल भारतीय संविधान के प्रति है और वह सभी धर्मों तथा समुदायों का सम्मान करते हैं।
नवी मुंबई के सानपाड़ा में सकल हिंदू समाज द्वारा 19 अप्रैल को आयोजित हिंदू सम्मेलन में दिए गए नांगरे पाटिल के भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पिछले सप्ताह वायरल हुआ था जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने इस कार्यक्रम में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी द्वारा आरएसएस की कथित प्रशंसा किए जाने पर जांच की मांग करते हुए कहा कि इससे उनकी निष्पक्षता और सेवा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी नांगरे पाटिल की आलोचना करते हुए कहा कि यदि उन्हें आरएसएस के प्रति सार्वजनिक रूप से अपनी प्रशंसा व्यक्त करनी है तो उन्हें पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर इस संगठन में शामिल हो जाना चाहिए।
नागपुर पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस वार्ता में नांगरे पाटिल ने कहा कि वह सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करते हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं सभी का सम्मान करता हूं। मैं भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी हूं और मेरी प्रतिबद्धता केवल संविधान के प्रति है। नागपुर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की दीक्षाभूमि है और मैं संवैधानिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।''
उन्होंने 19 अप्रैल के कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका आयोजन योग और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया था।
उन्होंने कहा, ''यह कार्यक्रम जन-जागरूकता के लिए आयोजित किया गया था। इसमें आध्यात्मिक गुरु सुधांशु जी महाराज भी उपस्थित थे और मेरे परिवार को भी आमंत्रित किया गया था।''
कार्यक्रम में अपने भाषण का उल्लेख करते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने विश्व बंधुत्व, सामाजिक सद्भाव और नशा विरोधी अभियान जैसे विषयों पर बात की थी। उन्होंने कहा, ''मैंने जो कुछ भी कहा, वह पूरी तरह कानून के दायरे में था। मैंने आचरण संबंधी किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।''
पुलिस आयुक्त ने कहा कि सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेना उनकी जनसंपर्क गतिविधियों का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ''सामाजिक संगठनों का कार्य रचनात्मक होता है। ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होना और लोगों में जागरूकता फैलाना मेरा कर्तव्य है।''
पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए नांगरे पाटिल ने कहा कि उन्होंने सभी धार्मिक समुदायों के कार्यक्रमों में भाग लिया है। उन्होंने कहा, ''मैं रमजान और ईद के कार्यक्रमों में भी शामिल हुआ हूं, साथ ही बौद्ध, जैन और ईसाई समुदायों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भी भाग ले चुका हूं।''
भाषा गोला नरेश
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