दिल्ली और उत्तराखंड में आतंकी खतरे की आशंका को लेकर अलर्ट जारी; चौकसी बढ़ाई गई
नेत्रपाल
- 27 Jun 2026, 11:31 PM
- Updated: 11:31 PM
नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) आतंकी खतरे की आशंका के चलते खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली और उत्तराखंड के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इसके तहत प्रमुख धार्मिक स्थलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और पुलिस ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में संभावित हमलों की चेतावनी देने वाला एक ईमेल सामने आने के बाद यह अलर्ट जारी किया गया।
यह धमकी उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले के नागरासु गुरुद्वारे में निहंगों के एक समूह और अधिकारियों के बीच जारी गतिरोध के बीच आई है। निहंग 16 जून को कर्णप्रयाग बाज़ार में स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प के सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए अपने चार सदस्यों की रिहाई की मांग कर रहे थे।
मामले में एक सिख प्रतिनिधिमंडल के दखल के बाद, 23 जून को तीन दिन तक चला गतिरोध खत्म हो गया था।
बाद में, 25 जून की रात निहंग सिखों का एक समूह गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग करते हुए देहरादून जिले के कुल्हाल बॉर्डर से जबरन उत्तराखंड में घुस गया, जो हिमाचल प्रदेश से सटा हुआ है। अधिकारियों ने उन्हें पौंटा साहिब लौटने के लिए मना लिया।
हालांकि, गिरफ़्तार किए गए चार निहंग सिखों को शनिवार को उत्तराखंड की ज़िला और सत्र अदालत ने ज़मानत दे दी।
ईमेल में कथित तौर पर दिल्ली और उत्तराखंड के कई मंदिरों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों और पुलिस ठिकानों का संभावित लक्ष्यों के तौर पर ज़िक्र किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि धमकी भरे संदेश में कुछ राजनीतिक नेताओं का भी ज़िक्र किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के बीच चिंता बढ़ गई है।
अलर्ट के बाद, दिल्ली पुलिस, उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने सावधानी के तौर पर संवेदनशील तथा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर निगरानी बढ़ा दी है और सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों, परिवहन हब और सरकारी इमारतों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है, साथ ही स्थानीय पुलिस इकाइयों को सतर्क रहने और गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने ईमेल की असलियत का पता लगाने और उसके स्रोत का पता करने के लिए जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञ मैसेज के 'डिजिटल ट्रेल' की जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी असली है या सिर्फ़ एक अफवाह।
अधिकारियों ने बताया कि संभावित हमले के समय या सटीक जगह के बारे में अभी तक कोई खास जानकारी नहीं मिली है, लेकिन अलर्ट की गंभीरता को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है और वे संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रख रही हैं।
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