राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय के इस्तीफे की जानकारी नहीं : विहिप
धीरज
- 26 Jun 2026, 07:28 PM
- Updated: 07:28 PM
लखनऊ, 26 जून (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को कहा कि उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के विवाद के बीच इस्तीफा दे दिया है।
चंपत राय विहिप के भी उपाध्यक्ष हैं।
विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने फोन पर 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''विहिप को इस्तीफे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।''
विहिप प्रवक्ता का यह इनकार ऐसे समय में आया है जब सूत्रों का दावा है कि राय और ट्रस्ट के न्यासी अनिल मिश्रा पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। यह दबाव कथित अनियमितताओं की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की शुरुआती रिपोर्ट में की गई ''गंभीर'' सिफ़ारिशों के बाद बढ़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि छह दिन की जांच के बाद सौंपी गई एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में ''गंभीर'' बातें सामने आई हैं। इससे संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ''किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा'' वाली नीति ने ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर दबाव बढ़ा दिया है।
'पीटीआई-भाषा' ने राय और मिश्रा से उन खबरों पर प्रतिक्रिया लेने के लिए बार-बार संपर्क करने की कोशिश की जिनमें उनके पद छोड़ने के लिए बढ़ते दबाव की बात कही गई थी, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने पुष्टि की कि विहिप के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अयोध्या में बैठक की थी, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
कुमार ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''मुझे जानकारी है कि विहिप के कुछ नेता कल अयोध्या में थे, लेकिन मुझे उस बैठक में हुई बातचीत या फ़ैसलों की जानकारी नहीं है।''
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में अयोध्या पुलिस की प्राथमिकी में नामजद आठ लोगों में से कई लोगों के खिलाफ कथित गड़बड़ी के सबूत मिले हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह पहले राय का वाहन चालक था। गिरफ्तारी से पहले, टिन्नू ने दान की गिनती में किसी भी भूमिका से इनकार किया था और आरोपों के लिए अज्ञात ''द्वेष रखने वाले लोगों" को जिम्मेदार ठहराया था।
एक सूत्र ने कहा, "एसआईटी की रिपोर्ट जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के लिए अच्छी खबर नहीं है क्योंकि, उनकी व्यक्तिगत भूमिका चाहे जो भी रही हो, ऐसा लगता है कि वे कथित गड़बड़ी को देखने या रोकने में नाकाम रहे।''
यह विवाद सात जून को तब सामने आया जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने यह मुद्दा उठाया। ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को एक एसआईटी का गठन किया गया और उसने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। 25 जून की रात प्राथमिकी दर्ज की गई और अयोध्या पुलिस ने अगले दिन सभी आठ नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
'पीटीआई-भाषा' ने राय और मिश्रा समेत ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों से भी टिप्पणी मांगी, लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे। ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने भी कहा कि उन्हें किसी इस्तीफे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
राव ने शुक्रवार को समाचार चैनलों से बातचीत में कहा, ''मैं क्या कहूं? ऐसा लगता है कि प्रसारक चंपत जी का इस्तीफा मिलने के बाद ही शांत होंगे।''
भाषा मनीष किशोर आनन्द रवि कांत धीरज
धीरज
2606 1928 लखनऊ