ऑपरेशन सिंदूर ने प्रदर्शित किया कि स्वदेशी रक्षा क्षमताएं रणनीतिक प्रभावशीलता के लिए अहम हैं: मुर्मू
सुभाष
- 25 Jun 2026, 09:03 PM
- Updated: 09:03 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि आत्मनिर्भर देश आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में अधिक सक्षम होता है और 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि स्वदेशी रक्षा क्षमताएं किसी देश की अभियानगत तत्परता और रणनीतिक प्रभावशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती हैं।
यहां राष्ट्रपति भवन में सैन्य अभियंता सेवा (एमईएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि वर्तमान समय में, जब दुनिया विभिन्न संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों का सामना कर रही है, आत्मनिर्भरता राष्ट्रों के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता बन गई है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर देश संकट की परिस्थितियों में अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और विकास संबंधी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में अधिक सक्षम होता है।
राष्ट्रपति ने कहा, ''ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि स्वदेशी रक्षा क्षमताएं, उन्नत प्रौद्योगिकी और मजबूत घरेलू औद्योगिक आधार किसी भी राष्ट्र की अभियानगत तत्परता और रणनीतिक प्रभावशीलता को सशक्त बनाने में कितने महत्वपूर्ण होते हैं।''
'ऑपरेशन सिंदूर' देश की रक्षा सेनाओं द्वारा चलाया गया था, जिसमें सात से 10 मई 2025 के बीच पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।
मुर्मू ने कहा कि आज दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संबंधी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा, ''इस स्थिति में, सतत विकास अब एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गया है।''
राष्ट्रपति ने उनसे हरित तकनीकों को अपनाने, ऊर्जा और पानी की बचत करने और हरित क्षेत्र बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ''जो अवसंरचना मजबूत, कुशल और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार होगी, वह न केवल आज की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के हितों की भी रक्षा करेगी।''
उन्होंने कहा, ''एमईएस हमारे देश के रक्षा अवसंरचना की रीढ़ है और रणनीतिक प्रतिष्ठानों के विकास तथा रखरखाव के माध्यम से यह हमारी सशस्त्र सेनाओं की अभियानगत क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।''
मुर्मू ने कहा कि हाल के वर्षों में देश में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ी है, जिसमें सशस्त्र बल और रक्षा प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, ''सेना, नौसेना, वायुसेना और सहायक संगठनों में महिलाएं उन भूमिकाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, जिन्हें पहले उनकी पहुंच से बाहर माना जाता था। उनका पेशेवर रवैया, नेतृत्व, साहस और समर्पण हमारे संस्थानों को समृद्ध कर रहे हैं और हमारी राष्ट्रीय रक्षा को मजबूत बना रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''एक विविध और समावेशी कार्यबल न केवल हमारे संविधान के मूल्यों को दर्शाता है, बल्कि संगठनात्मक प्रभावशीलता और नवाचार को भी बढ़ाता है।''
अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि उनके प्रयास न केवल एक मजबूत और सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान दें, बल्कि एक स्वच्छ, हरित और सतत भारत के निर्माण में भी सहायक हों।
राष्ट्रपति ने कहा, ''मुझे विश्वास है कि आपके समर्पण, नवाचार और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से आप एमईएस की सर्वोत्तम परंपराओं को बनाए रखेंगे और विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देंगे।''
भाषा
देवेंद्र सुभाष
सुभाष
2506 2103 दिल्ली