बंगाल अपनी बेड़ियों से मुक्त हो गया है, राज्य का गौरव वापस लौटने लगा : मोदी
अविनाश
- 20 Jun 2026, 07:17 PM
- Updated: 07:17 PM
(तस्वीरों के साथ)
तारकेश्वर, 20 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल ''अपनी बेड़ियों से मुक्त हो गया है'' और विकास की एक नयी यात्रा पर निकल पड़ा है।
मोदी ने कहा कि चुनाव के एक ही फैसले से आया बदलाव पूरे राज्य में साफ तौर पर देखा जा सकता है।
तारकेश्वर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद 'पश्चिमबंग दिवस' के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि बंगाल की हवा में अब एक ''नयी ताजगी'' महसूस की जा सकती है।
मोदी ने कहा, ''चुनाव और सरकार गठन के बाद, आज मुझे पहली बार आपके बीच आने का सौभाग्य मिला है। बंगाल की हवा में अब एक नयी ताजगी है। ऐसा लगता है मानो बंगाल अब अपनी बेड़ियों से आजाद हो गया है और बंगाल का गौरव फिर से लौटने लगा है।''
विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में हो रहा बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की ताकत को दिखाता है।
उन्होंने कहा, ''बंगाल के लोगों के चेहरों पर चमक है और गांवों में खुशी और भरोसे का माहौल है... बंगाल में यह साफ दिखता है कि आपका एक वोट कैसे बदलाव ला सकता है।''
मोदी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम में तेजी के लिए राज्य सरकार की कोशिशों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस प्रक्रिया में रुकावट डाली थी।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''आपने देखा होगा कि पिछली सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपने के काम को रोक दिया था। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में वह प्रक्रिया शुरू हो गई है।''
मोदी ने यह भी कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बंटवारे के समय बंगाल का एक हिस्सा भारत के पास ही रहे, यह सुनिश्चित करने में उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई थी।
उन्होंने कहा, ''जब पूरे बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिशें हो रही थीं, तब कांग्रेस ने साजिश रचने वाली ताकतों के सामने घुटने टेक दिए थे। तभी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ दिया था और आजादी के बाद तुष्टीकरण की राजनीति की।''
मोदी ने 20 जून के 'पश्चिमबंग दिवस' के ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया और कहा कि नयी पीढ़ी को उन हालात के बारे में पता होना चाहिए जिनकी वजह से यह राज्य बना।
मोदी ने कहा, ''हमें बार-बार 'पश्चिमबंग दिवस' के महत्व को रेखांकित करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उस दौरान क्या हुआ था।''
भाषा शफीक अविनाश
अविनाश
2006 1917 तारकेश्वर