राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 125-130 खिलाड़ी भेजेगा भारत: अय्यर
नमिता
- 19 Jun 2026, 05:32 PM
- Updated: 05:32 PM
(फिलेम दीपक सिंह)
नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के सीईओ रघुराम अय्यर ने शुक्रवार को कहा कि जुलाई-अगस्त में होने वाले सीमित स्तर के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व 125 से 130 खिलाड़ी करेंगे जो आठ सामान्य खिलाड़ियों के खेलों और चार पैरा खेलों में हिस्सा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संस्था किसी भी तरह के चयन विवाद से दूर रहेगी।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 का आयोजन 23 जुलाई से दो अगस्त तक होना है। इन खेलों में लागत कम रखने के लिए सामान्य खिलाड़ियों के सिर्फ 10 और पैरा खिलाड़ियों के लिए छह खेल शामिल किए जाएंगे। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के खर्चे बढ़ने के कारण हटने के बाद ग्लास्गो ने मेजबान शहर के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।
अय्यर ने पीटीआई से कहा, ''हमारे पास कुल 125-130 प्रतिभागी या खिलाड़ी होंगे। खिलाड़ियों की संख्या का एक-तिहाई हिस्सा सहयोगी स्टाफ होगा।''
उन्होंने कहा, ''हम सामान्य खिलाड़ियों के आठ और चार पैरा खेलों में हिस्सा लेंगे।''
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम में एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स, तैराकी और पैरा तैराकी, तीन गुणा तीन बास्केटबॉल और व्हीलचेयर तीन गुणा तीन बास्केटबॉल, बॉल्स और पैरा बॉल्स, मुक्केबाजी, ट्रैक साइकिलिंग और पैरा ट्रैक साइकिलिंग, जिम्नास्टिक, जूडो, नेटबॉल और भारोत्तोलन तथा पैरा पावरलिफ्टिंग शामिल हैं।
बर्मिंघम में हुए 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में सामान्य खिलाड़ियों के लिए 19 और पैरा खिलाड़ियों के लिए आठ खेलों में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। भारत ने इन खेलों के लिए 208 खिलाड़ी भेजे थे जिन्होंने 61 पदक (22 स्वर्ण, 16 रजत, 23 कांस्य) जीते थे और अंतिम तालिका में चौथे स्थान पर रहा था।
उम्मीद है कि आईओए 23 जून के बाद पूरी टीम की घोषणा करेगा।
अय्यर ने कहा, ''टीम चुन ली गई हैं। सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) ने हमें नाम भेज दिए हैं। पोशाक और समारोह की पोशाक (टीम के सदस्यों के लिए) की योजना बनाई जा रही है। सभी साजो-सामान की योजना बनाई जा रही है।''
उन्होंने कहा, ''हमने अलग-अलग एनएसएफ के साथ उनकी योजनाओं और राष्ट्रमंडल खेलों से पहले के ट्रेनिंग कार्यक्रम के संदर्भ में तीन बैठके की हैं।''
राष्ट्रमंडल खेल 2030 के मेजबान देश के तौर पर भारत को दो अगस्त को ग्लास्गो में होने वाले समापन समारोह के दौरान राष्ट्रमंडल खेल का झंडा मिलेगा। अहमदाबाद 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी सत्र की मेजबानी करेगा।
अय्यर ने कहा, ''कुछ खास योजना बनाई जाएगी और यह असल में मेजबान शहर अहमदाबाद का फैसला होगा। कला, संस्कृति या किसी भी तरह का मनोरंजन जो हम दिखाना चाहते हैं, उस पर फैसला किया जाएगा। लेकिन इस पर काम चल रहा है और आप एक बहुत दिलचस्प शो या दिलचस्प झलक देखेंगे जिसे तैयार किया जाएगा।''
उन्होंने कहा कि आईओए साथ ही जापान के आइची-नागोया में सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों की भी योजना बना रहा है जो राष्ट्रमंडल खेलों से कहीं बड़े पैमाने पर होंगे। भारत एशियाई खेलों में 700 से अधिक सदस्यों का एक बड़ा दल भी भेजेगा।
अय्यर ने कहा, ''एशियाई खेलों में 44 खेल हैं और ये राष्ट्रमंडल खेलों के ठीक बाद होंगे। उस मोर्चे पर भी बहुत काम हो रहा है। हमें एशियाई खेलों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।''
अय्यर ने यह भी संकेत दिया कि आईओए के राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए चयन के मामलों में दखल देने की संभावना नहीं है। बहु खेल प्रतियोगिताओं से पहले अक्सर होने वाली समस्या है।
ताजा विवाद एशियाई खेलों की टीम से स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा को बाहर करने का है क्योंकि वह भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) के राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से जुड़े चयन मानदंडों को पूरा नहीं कर पाई थीं।
उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि ये एनएसएफ की चयन नीतियां हैं। हम चयन में दखल नहीं देते हैं। हमें बस यह पक्का करना है कि जो भी नीतियां बनाई गई थीं उनका पालन हो।''
मनिका को टीम से बाहर किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि यह फैसला भारतीय टेबल टेनिस महासंघ पर ही छोड़ देना चाहिए।''
बृहस्पतिवार को टीटीएफआई द्वारा एशियाई खेलों की टीम से बाहर किए जाने के बाद मनिका ने खेल मंत्री और आईओए के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले पर ध्यान देने का आग्रह किया था।
अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी के बारे में अय्यर ने कहा कि आईओए लगातार अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के संपर्क में है।
मेजबान चुनने की प्रक्रिया में बदलावों पर 24 और 25 जून को स्विट्जरलैंड के लुसाने में होने वाले आईओएसी सत्र में मतदान होगा। इन सुधारों का मकसद संभावित मेजबानों को कम लागत में अपनी परियोजना तैयार करने में मदद करना है।
भाषा सुधीर नमिता
नमिता
1906 1732 नयी दिल्ली