बंगाल के विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने तृणमूल के दो विधायकों को शपथ दिलाई
आशीष अविनाश देवेंद्र
- 05 Jul 2024, 07:03 PM
- Updated: 07:03 PM
कोलकाता, पांच जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा के उपाध्यक्ष के बदले अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के दो नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई। राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने विधानसभा के उपाध्यक्ष को शपथ दिलाने के लिए अधिकृत किया था।
विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
राजभवन और विधानसभा के बीच लगभग एक महीने तक चले गतिरोध के बाद, दो विधायकों - रयात हुसैन सरकार और सायंतिका बनर्जी को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान शपथ दिलायी गई। हुसैन सरकार मुर्शिदाबाद जिले के भगवानगोला से विधायक हैं जबकि सायंतिका बनर्जी कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके बारानगर से विधायक हैं।
यह गतिरोध शपथग्रहण समारोह के स्थान के साथ इस बात को लेकर था कि नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ कौन दिलाएंगे।
बृहस्पतिवार की शाम को अचानक हुए घटनाक्रम में राज्यपाल बोस ने उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी को शुक्रवार को विधानसभा में शपथ दिलाने के लिए अधिकृत किया था। इससे पहले उनका रुख था कि विधायकों को राजभवन में शपथ दिलाई जाएगी।
विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान उपाध्यक्ष ने खुद को कार्यक्रम से अलग कर लिया और कहा, "जब अध्यक्ष आसन पर मौजूद हों तो उपाध्यक्ष द्वारा शपथ दिलाना नियमों के खिलाफ है।"
उपाध्यक्ष की अपील के बाद बिमान बनर्जी ने दोनों विधायकों को सदन में बुलाया और शपथ दिलाई।
जब विधायक शपथ ले रहे थे, तब तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने 'जय बांग्ला' के नारे लगाए।
उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने विधानसभा के नियमों का पालन किया है।
उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा, "मैंने विधानसभा के नियमों का पालन किया। नियमों के अनुसार, अगर अध्यक्ष सदन में मौजूद हैं, तो मैं शपथ नहीं दिला सकता।"
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री सोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि सदन के किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने सत्र का बहिष्कार करते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के, बैठक बुलायी गयी थी।
राज्यपाल के रुख का विरोध करते हुए दोनों विधायक पिछले कुछ दिनों से विधानसभा परिसर में धरने पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि सदन की परंपरा के अनुसार उन्हें अध्यक्ष द्वारा शपथ दिलाई जाए।
भाषा
आशीष अविनाश