तमिलनाडु: विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण को निराशाजनक बताया, टीवीके सरकार पर साधा निशाना
मनीषा
- 18 Jun 2026, 04:32 PM
- Updated: 04:32 PM
चेन्नई, 18 जून (भाषा) तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और अन्नाद्रमुक समेत विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोला और विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण को "निराशाजनक" बताया।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि अभिभाषण में चुनावी वादों को लागू करने की समय-सीमा का कोई उल्लेख नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, खासकर हाल के दिनों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मुद्दे पर भी कोई बात नहीं की गई।
नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सबसे पहले सरकार पर हमला बोलते हुए इस अभिभाषण को पिछले पांच वर्षों में द्रमुक सरकार की उपलब्धियों की "कट-कॉपी-पेस्ट" बताया।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा, "आज जिन प्रमुख नीतियों का उल्लेख किया गया, जैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और नीट का विरोध, दो-भाषा नीति को जारी रखना, केंद्र से शिक्षा के लिए धन प्राप्त करने की मांग, गरीबी-मुक्त तमिलनाडु बनाने की दिशा में काम करना और चेन्नई में उच्चतम न्यायालय की एक पीठ स्थापित करने का प्रयास... ये सभी पहल द्रमुक शासन के दौरान शुरू की गई थीं। इसमें बिल्कुल भी कुछ नया नहीं है।"
उदयनिधि और उनकी पार्टी के विधायकों ने सचिवालय परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने काली पट्टी पहनकर टीवीके सरकार के खिलाफ नारे लगाए और राज्य में कानून-व्यवस्था कथित रूप से बिगड़ने को लेकर विरोध जताया।
हाथों में तख्तियां लेकर विपक्षी सदस्यों ने राज्य में यौन उत्पीड़न, हत्या और डकैती की घटनाओं में कथित तेज बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में "महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा गंभीर खतरे में आ गई है।"
अन्नाद्रमुक के महासचिव ए. के. पलानीस्वामी ने दावा किया कि राज्यपाल का अभिभाषण तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति पर एक "श्वेत पत्र" से अधिक कुछ नहीं था और इसमें पूरी तरह से नए विकास संबंधी घोषणाओं की कमी थी।
पलानीस्वामी ने जोर देकर कहा कि टीवीके के महत्वपूर्ण चुनावी वादे जैसे महिलाओं की सहायता राशि "मगलिर उरिमै थोगई" को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये करना, हर साल छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देना और आठ ग्राम सोने की योजना लागू करना इन सभी का अभिभाषण में कोई उल्लेख नहीं किया गया।
भाषा जोहेब मनीषा
मनीषा
1806 1632 चेन्नई