घरेलू क्रिकेट में खेलने से खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया: गुरनूर बराड़
पंत
- 18 Jun 2026, 10:35 AM
- Updated: 10:35 AM
(अपराजिता उपाध्याय)
लखनऊ, 18 जून (भाषा) भारत के उभरते हुए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ का मानना है कि घरेलू क्रिकेट में वर्षों तक अपने कौशल को निखारने और सबसे बड़े मंच पर कदम रखने से पहले भारत ए की टीम की तरफ से खेलने के कारण वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सहजता से प्रवेश करने में सफल रहे।
पंजाब के इस तेज गेंदबाज ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी पहली वनडे श्रृंखला में अपनी गति और नियंत्रण से सबको प्रभावित किया है।
बराड़ ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत की 170 रन से जीत के बाद पत्रकारों से कहा, ''मेरे लिए भारत ए के टीम में जगह बनाना बड़ी बात थी। अगर हम रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो हमें भारत ए, दलीप ट्रॉफी या ईरानी कप के लिए चुना जाएगा। जब मुझे भारत ए टीम में शामिल किया गया तो मैं बहुत खुश था।''
इस 20 वर्षीय तेज गेंदबाज ने वर्तमान श्रृंखला में अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपनी गति, उछाल और दबाव में यॉर्कर डालने की क्षमता से बल्लेबाजों को परेशान किया है। बराड़ ने दोनों वनडे मैचों में 15.5 ओवर में छह विकेट लिए हैं।
उन्होंने कहा, ''मेरे लिए यह बिल्कुल वैसा ही था जैसा रणजी में गेंदबाजी करते समय होता था। तेज गेंदबाजी करना, सटीक लेंथ पर गेंद डालना और गेंद को स्विंग कराना। मैंने भारत ए की तरफ से खेलते हुए भी ठीक वैसा ही करने की कोशिश की और उसी लाइन पर गेंद डाली।''
छह फीट पांच इंच लंबे बराड़ ने अपनी शॉर्ट पिच गेंदों से बल्लेबाजों को खासा परेशान किया है।
उन्होंने कहा, ''मैं खुद पर और अपने काम पर भरोसा रखता हूं। मैं जिस तरह की गेंद भी करूं उस पर भरोसा रखता हूं। मैं इन दोनों मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना चाहता था। मुझे पता है कि मैं इससे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता था। उम्मीद है कि आगामी मैचों में मैं और बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहूंगा।''
बराड़ ने इसके साथ ही कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस की तरफ से खेलने से उन्हें फायदा मिला।
उन्होंने कहा, ''गुजरात टाइटंस में बहुत अच्छा माहौल है। वहां आशीष नेहरा सर, कैगीसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और इशांत शर्मा जैसे खिलाड़ी हैं, जिनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। जाहिर है, हर खिलाड़ी खेलने का मौका चाहता है और मैं भी वहां अपने मौके का इंतजार कर रहा था। मुझे वहां सीखने का काफी मौका मिला। मैं भारत की तरफ से खेलने से बहुत खुश हूं।''
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