मेट्रो रेल: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पर ऋण वितरण में बाधा डालने का आरोप लगाया
सुभाष
- 15 Jun 2026, 09:23 PM
- Updated: 09:23 PM
हैदराबाद, 15 जून (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी पर हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) आईआरएफसी द्वारा 13,600 करोड़ रुपये का पुनर्वित्त ऋण जारी करने में बाधा डालने का आरोप लगाया।
रेवंत ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री, बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव के प्रभाव में काम कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बीआरएस मिलकर इस परियोजना में अड़ंगा लगाने की साजिश रच रहे हैं, क्योंकि यदि राज्य सरकार ने इस परियोजना को पूरा कर लिया, तो इससे दोनों दलों को राजनीतिक नुकसान होगा।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि किशन रेड्डी लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्रीय दल (बीआरएस) द्वारा भाजपा को दी गई मदद के बदले उन्हें 'गुरु दक्षिणा' चुका रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऋण वितरण के लिए भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) को 1,400 करोड़ रुपये का अपना हिस्सा और 84 करोड़ रुपये का प्रसंस्करण शुल्क (प्रोसेसिंग फीस) भी चुका चुकी है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार ने यह ऋण चार प्रतिशत ब्याज दर पर हासिल किया है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को भी आठ से 11 प्रतिशत की दर पर ऋण मिले हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आईआरएफसी इस ऋण में केवल एक मध्यस्थ की तरह है, क्योंकि मूल ऋण जापान द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
रेड्डी ने यहां पत्रकारों से कहा, "किशन रेड्डी ने 20 मई को केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और 21 मई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी। उन्होंने उनसे कहा था कि यदि आप रेवंत रेड्डी के लिए काम इतना आसान कर देंगे, तो भाजपा के लिए तेलंगाना में बने रहना मुश्किल हो जाएगा। इसी कारण केंद्र ऋण जारी नहीं कर रहा है।''
मुख्यमंत्री रेड्डी ने सवाल किया कि सोमवार (15 जून) ऋण वितरण का अंतिम दिन है, ऐसे में क्या किशन रेड्डी यह 13,600 करोड़ रुपये का ऋण जारी करवाएंगे या नहीं?
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआरएफसी ने 13,600 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर करने के लिए यह शर्त रखी थी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भी इसके लिए गारंटर बनना होगा, जिसका पालन भी किया गया।
उन्होंने कहा कि अपनी हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान उन्होंने (केंद्रीय मंत्री) मनोहर लाल को एक पत्र सौंपा था। इसमें उन्होंने प्रस्ताव दिया था कि यदि केंद्र सरकार मेट्रो रेल परियोजना के प्रस्तावित दूसरे चरण में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी लेने में हिचकिचा रही है, तो राज्य सरकार इसे खुद आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि वह किशन रेड्डी से इसलिए सवाल कर रहे हैं क्योंकि वह तेलंगाना से एकमात्र केंद्रीय कैबिनेट मंत्री हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने (रेल मंत्री) अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की, मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी। मैंने उनसे तीन बार बात की। मैं (यह खुलासा नहीं करना चाहता कि उन्होंने क्या कहा)। लेकिन मेरी समस्या, इस ऋण को लेकर है। किशन रेड्डी को इस समस्या का समाधान करना होगा।"
भाषा
सुमित सुभाष
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