रिकॉर्ड स्तर के करीब समुद्री तापमान, अल नीनो की वापसी से मछलियों और प्रवाल भित्तियों पर संकट
मनीषा
- 15 Jun 2026, 03:22 PM
- Updated: 03:22 PM
(डिलन अमाया, नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन)
वाशिंगटन, 15 जून (द कन्वरसेशन) अल नीनो आधिकारिक रूप से लौट आया है। 2026 के अंत तक मौसम, जलवायु और समुद्री तापमान को प्रभावित करने वाले एक शक्तिशाली अल नीनो बनने की आशंका लगभग 67 प्रतिशत है।
अल नीनो, पृथ्वी की जलवायु प्रणाली का सबसे प्रभावशाली घटक है। यह अल नीनो-दक्षिणी दोलन का एक चरण है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि अल नीनो और ला नीना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
अल नीनो के दौरान इक्वाडोर के तट से पश्चिम की ओर लगभग 10,000 किलोमीटर तक फैला समुद्री क्षेत्र कई महीनों तक सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। आमतौर पर वहां का तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है।
तापमान में यह वृद्धि भले ही कम लगे लेकिन दुनिया के उस हिस्से में इतनी गर्मी ही पूरे ग्रह में हवाओं, वर्षा और तापमान के तरीके को बदलने के लिए काफी होती है।
मैं एक जलवायु वैज्ञानिक हूं और महासागरों का अध्ययन करता हूं।
अल नीनो के गर्मियों व शरद ऋतु के दौरान और मजबूत होने की संभावना है, जिससे समुद्र का तापमान और बढ़ेगा।
ऐसे में अब तैयारी शुरू करने का समय आ गया है।
पृथ्वी को कैसे प्रभावित करता है अल नीनो ?
अल नीनो से जुड़ी कोई भी दो घटनाएं बिल्कुल एक जैसी नहीं होतीं। हालांकि वैज्ञानिकों ने इतने अल नीनो देखे हैं कि उन्हें इसके संभावित प्रभावों का अच्छा अनुमान रहता है।
लोग आमतौर पर भूमि पर पड़ने वाले इसके प्रभावों पर ज्यादा ध्यान देते हैं, और यह स्वाभाविक भी है।
समुद्र का गर्म पानी वायुमंडलीय धाराओं को प्रभावित करता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश होती है तो कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बन जाती है।
यह दक्षिणी अमेरिका जैसे क्षेत्रों में तूफानों की तीव्रता बढ़ा सकता है जबकि अटलांटिक महासागर में बनने वाले चक्रवातों की गतिविधि को कम कर सकता है।
अल नीनो समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिनमें प्रवाल भित्तियां (कोरल रीफ), समुद्री घास के मैदान और वे समुद्री क्षेत्र शामिल हैं, जिन पर दुनिया का मत्स्य उद्योग निर्भर करता है।
विशेष रूप से अल नीनो अक्सर समुद्र में अत्यधिक गर्मी के लंबे दौर को जन्म देता है, जिन्हें समुद्री ऊष्म लहर कहा जाता है।
वैश्विक महासागरों का तापमान पहले ही रिकॉर्ड स्तर के करीब है। ऐसे में अल नीनो से उत्पन्न होने वाली समुद्री ऊष्म लहरें कई संवेदनशील समुद्री प्राणियों को संकट की स्थिति में पहुंचा सकती हैं।
समुद्री ऊष्म लहर क्या होती है?
समुद्री ऊष्म लहर यानी समुद्र में अत्यधिक गर्मी का ऐसा दौर, जो जमीन पर चलने वाली लू जैसी ही होती है।
छोटे स्तर पर यह कुछ दिनों या हफ्तों के लिए किसी खाड़ी या तटीय क्षेत्र के पानी को सामान्य से ज्यादा गर्म कर सकती है।
वहीं बड़े स्तर पर यह बेहद विशाल रूप ले सकती है।
समुद्र का गर्म पानी सुनने में शायद बड़ी समस्या न लगे, खासकर उन लोगों के लिए जो समुद्र में तैरना या सर्फिंग करना पसंद करते हैं लेकिन उन समुद्री जीवों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन हो सकती है, जो विशेष तापमान पर जीवित रहने वाले होते हैं।
अल नीनो की क्या भूमिका है?
जलवायु प्रणाली में अल नीनो सबसे प्रभावशाली कारकों में से एक है। जब यह सक्रिय होता है, तो पूरी दुनिया इसके प्रभाव को महसूस करती है और महासागर भी इससे अछूते नहीं रहते।
हालांकि अल नीनो के दौरान समुद्री ऊष्म लहरों की संभावना क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होती है।
अमेरिका के पश्चिमी तट पर अल नीनो के दौरान उत्तर दिशा से चलने वाली सामान्य हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं।
इससे वाष्पीकरण कम होता है और समुद्र की गहराई से ऊपर आने वाला ठंडा पानी भी कम हो जाता है।
परिणामस्वरूप तटीय क्षेत्रों में समुद्री ऊष्म लहरों की संभावना बढ़ जाती है।
कैलिफोर्निया के समुद्री क्षेत्र पहले से ही काफी गर्म हैं और अल नीनो उन्हें और लंबे समय तक गर्म रख सकता है।
भारत के पूर्व में स्थित बंगाल की खाड़ी में अल नीनो और 'वॉकर सर्कुलेशन' नाम के उष्णकटिबंधीय वायु प्रवाह प्रणाली के बीच होने वाली परस्पर क्रिया समुद्री ऊष्म लहरों का खतरा बढ़ा देती है।
समुद्र की तलहटी में बनने वाली ऊष्म लहरें भी खतरा
अगर समुद्र की सतह पर ऊष्म लहर दिखाई नहीं दे रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि नीचे सब कुछ सामान्य है।
मेरे सहयोगियों और मैंने 2023 के एक अध्ययन में पाया कि समुद्री ऊष्म लहरें तटीय क्षेत्रों की समुद्री तलहटी तक भी पहुंचती हैं।
कई बार ये सतह पर दिखने वाली ऊष्म लहरों से भी ज्यादा तीव्र होती हैं और अधिक समय तक बनी रहती हैं।
गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत
अल नीनो के लौटने के साथ इस वर्ष क्या उम्मीद की जा सकती है?
अच्छी बात यह है कि मौसमी पूर्वानुमान मॉडल समुद्री ऊष्म लहरों का अनुमान तीन से छह महीने पहले तक लगा सकते हैं।
खास बात यह है कि अल नीनो वाले वर्षों में ये पूर्वानुमान अधिक सटीक साबित होते हैं।
ताजा अनुमान बताते हैं कि अल नीनो के मजबूत होने के साथ कई समुद्री ऊष्म लहरें विकसित हो सकती हैं।
2026 के अंत तक दुनिया के लगभग आधे महासागरों में नुकसान पहुंचाने वाली गर्मी देखने को मिल सकती है।
विशेष रूप से कैलिफोर्निया और मेक्सिको के तटीय क्षेत्रों में शक्तिशाली समुद्री ऊष्म लहरों की संभावना बहुत अधिक है।
वहीं हिंद महासागर और दक्षिणी महासागर के कुछ हिस्सों में भी खतरनाक स्तर की गर्मी देखने को मिल सकती है।
हालांकि ये अनुमान अभी काफी समय पहले के हैं और परिस्थितियां बदल भी सकती हैं।
आने वाला समय बताएगा कि ये पूर्वानुमान कितने सही साबित होते हैं लेकिन फिलहाल समझदारी इसी में है कि हम इसके लिए पहले से तैयारी शुरू कर दें।
द कन्वरसेशन जितेंद्र मनीषा
मनीषा
1506 1522 वाशिंगटन