राम मंदिर ट्रस्ट की दान राशि में अनियमितताओं की जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी: नृपेंद्र मिश्रा
खारी
- 15 Jun 2026, 02:13 PM
- Updated: 02:13 PM
लखनऊ/अयोध्या (उप्र), 15 जून (भाषा) राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सोमवार को कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मिश्रा ने कहा, ''मुझे यह भी जानकारी मिली है कि एसआईटी ने मार्गदर्शन के लिए आज मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है। उसके तुरंत बाद टीम यहां आएगी और अपना काम शुरू करेगी। मुझे नहीं लगता कि इस मामले में किसी तरह की कोई ढिलाई होगी।''
उन्होंने कहा, ''इस मामले के कई पहलू हैं। एक आपराधिक पहलू है और दूसरा भविष्य में सुधार से जुड़ा हुआ है। जब इन दोनों पहलुओं पर गंभीरता से काम होगा, तभी हम श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत कर सकेंगे।''
उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट जांच में पूरा सहयोग करेगा और एसआईटी को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने रविवार को जिला प्रशासन से भी बातचीत की थी और प्रशासन ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
मिश्रा ने कहा, ''यह एक सामूहिक प्रयास है और एक तरह से मंदिर के लिए महत्वपूर्ण दौर भी। हमें इस दौर से गुजरते हुए भविष्य की दिशा तय करनी है।''
भक्तों की संख्या पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने कहा, ''भक्तों की संख्या को लेकर कोई सवाल नहीं है। श्रद्धालु भगवान के प्रति समर्पण भाव से आते हैं। वे दान करते हैं...। हमारे सनातन धर्म में भी कहा गया है कि दान करो और उसे भूल जाओ। न तो इसका पता लगाया जाता है, न ही भगवान के साथ कोई वस्तु विनिमय (प्रणाली) है, (जब से) मैंने दान किया है।''
उन्होंने कहा कि यह सनातन धर्म की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
मिश्रा ने कहा, ''श्रद्धा और दान की यह धारा निरंतर प्रवाहित होती रहेगी और इसमें कोई बाधा नहीं आएगी।''
इस सवाल पर कि क्या एसआईटी जांच के लिए दिल्ली से किसी वरिष्ठ अधिकारी को बुलाया जा रहा है, मिश्रा ने कहा, ''मुझे लगता है कि यह पूरी तरह गलत जानकारी है। यह राज्य सरकार और जिला प्रशासन का विषय है। जैसा कि आम बोलचाल में कहा जाता है कि 'नैया पार लगानी है', तो दोनों (राज्य सरकार और जिला प्रशासन) ही ऐसा करेंगे।''
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने रविवार को भी राम मंदिर ट्रस्ट के दान कोष में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
अयोध्या 'सर्किट हाउस' में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था, ''एसआईटी का गठन सरकार की गंभीरता और तत्परता को दर्शाता है। यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है।''
उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर ट्रस्ट की दान राशि और वित्तीय प्रबंधन में अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।
राज्य सरकार के अनुसार, ट्रस्ट ने तथ्यों को स्पष्ट करने और राम मंदिर की छवि धूमिल करने के कथित प्रयासों के बीच निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सात जून को दावा किया था कि ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनमें राम मंदिर के लिए मिले दान में से करोड़ों रुपये का हेरफेर होने की बात कही गई है। उन्होंने अदालत से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह भी किया था।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि ट्रस्ट का आंतरिक ऑडिट जारी है और अब तक ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जो आरोपों की पुष्टि करता हो।
ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने कहा, ''मुझे भगवान राम पर पूरा विश्वास है। यदि किसी ने कोई गलत काम किया है तो भगवान राम स्वयं उसे दंड देंगे। हमारे ट्रस्टी ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे।''
उन्होंने कहा कि सरकार जो भी निर्णय लेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा।
महंत दिनेंद्र दास ने कहा, ''यदि किसी प्रकार का संदेह है तो जांच कराई जानी चाहिए।''
भाषा सं जफर मनीषा खारी
खारी
1506 1413 लखनऊ/अयोध्या