गुजरात के गिर सोमनाथ में 310 करोड़ रुपये के साइबर ठगी मामले में पांच लोग गिरफ्तार
सुरभि
- 14 Jun 2026, 09:54 PM
- Updated: 09:54 PM
वेरावल (गुजरात), 14 जून (भाषा) गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में पुलिस ने 'म्यूल' बैंक खातों के जरिए 310 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारियों ने इसे जिले में अब तक का सबसे बड़ा साइबर अपराध मामला बताया है।
पुलिस अधीक्षक जयदीपसिंह जडेजा ने बताया कि अपराध शाखा थाने में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई राज्यव्यापी ''ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0'' के तहत की गई, जिसे हाल में 'म्यूल' खाता धारकों की पहचान करने, साइबर ठगी नेटवर्क पर शिकंजा कसने और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
'म्यूल' बैंक खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल अपराधी खाताधारक की जानकारी के बिना या कभी-कभी उसकी मिलीभगत से अवैध धन के लेन-देन या धनशोधन के लिए करते हैं।
जडेजा ने रविवार को संवाददाताओं से कहा, ''यह जिले में दर्ज अब तक का सबसे बड़ा साइबर अपराध मामला है। इस अभियान का उद्देश्य साइबर अपराध के पीड़ितों की खोई हुई रकम जल्द से जल्द वापस दिलाना और अवैध गतिविधियों के लिए बैंक खाते किराये पर देने की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाना है।''
पुलिस के अनुसार, जांच के केंद्र में जिला मुख्यालय वेरावल का निवासी आकाश पाला था, जिसके दो बैंक खातों का देशभर में साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते का संबंध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर दर्ज 193 शिकायतों से पाया गया। इस खाते में लगभग 282 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन हुए थे। वहीं, केनरा बैंक के एक अन्य खाते का संबंध 97 शिकायतों से था, जिनमें करीब 37 करोड़ रुपये के लेनदेन शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से दर्ज कुल 290 शिकायतें इन दोनों खातों से जुड़ी हुई थीं और इनमें 310 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।
यह गिरोह एनसीसीआरपी और 'समन्वय' पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों के विश्लेषण तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा चिह्नित 'म्यूल' खातों की जांच के दौरान सामने आया।
जिला पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अधिकारियों ने पाया कि खाताधारक ने कथित तौर पर कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर ठगी की गतिविधियों के लिए किराये पर दिए थे।
मामला दर्ज होने के बाद साइबर अपराध शाखा पुलिस ने जांच शुरू की और पाला को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के आधार पर चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वेरावल निवासी आकाश पाला और दीपक गिरी, राजकोट निवासी हिरेन राजगोर और अजय दाफड़ा तथा देवभूमि द्वारका निवासी आशुतोष ठाकर के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और धन के प्रवाह का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
महीने की शुरुआत में पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत गुजरात के पाटन जिले में 13 'म्यूल' खातों के माध्यम से 398.43 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन से जुड़े एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया था।
भाषा राखी सुरभि
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1406 2154 वेरावल