खिलाड़ी अगर टेस्ट मैच की सफलता का जश्न नहीं मना सकते तो यह दुखद है: स्वान
मोना
- 13 Jun 2026, 03:35 PM
- Updated: 03:35 PM
... अंकित श्रेष्ठ ...
धर्मशाला, 13 जून (भाषा) इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान ने इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) द्वारा खिलाड़ियों पर आधी रात का कर्फ्यू लागू किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि कप्तान बेन स्टोक्स उस माहौल के शिकार बने हैं, जहां किसी उपलब्धि का उत्सव मनाने के बजाय खिलाड़ियों की निगरानी को अधिक महत्व दिया जा रहा है।
स्टोक्स सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में अपने साथी खिलाड़ी गस एटकिंसन के साथ एक नाइटक्लब में जश्न मनाते दिखाई दिए। इन दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी में सारासेन्स अकादमी के रग्बी खिलाड़ी टोतोआ औवा से जुड़ा एक विवाद भी सामने आया।
स्वान का मानना है कि न्यूजीलैंड पर 115 रन की शानदार जीत के बाद इंग्लैंड का ध्यान गलत मुद्दे पर चला गया।
स्वान ने 'पीटीआई' से कहा, ''इस मामले को लेकर मेरे विचार मिश्रित हैं। मैं एक पूर्व खिलाड़ी हूं और मैं कभी यह नहीं मानूंगा कि कर्फ्यू लगाना अच्छी बात है। ऐसा नियम बनाना ही बेतुका है।''
पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा कि कर्फ्यू लागू करते समय ड्रेसिंग रूम की वास्तविक परिस्थितियों को नजरअंदाज कर दिया गया।
उन्होंने कहा, ''ईसीबी ने संभवतः अपनी सार्वजनिक छवि सुधारने के उद्देश्य से यह कदम उठाया, लेकिन यह तरीका कारगर नहीं हो सकता। मुझे लगता है कि ईसीबी को यह समझना चाहिए कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था।''
स्वान ने कहा कि प्रतिबंध लगाने के बजाय बेहतर होता कि ईसीबी टीम संस्कृति पर खुलकर चर्चा करता।
उन्होंने कहा, ''बेहतर होता कि टीम संस्कृति पर खुलकर चर्चा की जाती और यह तय किया जाता कि आगे कैसे बढ़ना है। टेस्ट मैच जीतने के बाद आधी रात का कर्फ्यू लगा देना उचित नहीं है। जिस दिन खिलाड़ियों को अपने देश के लिए टेस्ट जीतने का जश्न मनाने से रोका जाए, वह खेल के लिए दुखद दिन है।''
उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्या खिलाड़ी में नहीं, बल्कि नियम में है।
स्वान ने कहा, ''मेरे विचार से बेन स्टोक्स ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने अगर कुछ किया भी है तो सिर्फ ऐसे नियम का उल्लंघन किया है, जिसे लागू ही नहीं किया जाना चाहिए था।''
कप्तान होने के नाते स्टोक्स की जिम्मेदारियों को लेकर उठ रही आलोचनाओं पर स्वान ने टिप्पणी करने से इनकार किया।
उन्होंने कहा, ''मुझे पूरी घटना की वास्तविक जानकारी नहीं है। किसी के पास भी इसकी पूरी जानकारी नहीं है, ऐसे में मैं इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा।''
स्वान का मानना है कि खिलाड़ियों के साथ वयस्कों जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए और उन पर सामान्य समझदारी से काम लेने का भरोसा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''मैच से पहले या मैच के दौरान शराब पीना पेशेवर खिलाड़ियों के लिए उचित नहीं है, लेकिन ऐसी बातों को कागज पर लिखकर नियम बनाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।''
स्वान ने पेशेवर खिलाड़ियों की बढ़ती निगरानी की संस्कृति पर भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि खिलाड़ियों का वीडियो रिकॉर्ड कर उसे मीडिया तक पहुंचाने वाले लोगों की मंशा क्या होती है।
इस 47 साल के पूर्व गेंदबात ने, ''ऑस्ट्रेलिया में एशेज श्रृंखला के दौरान बेन डकेट के साथ भी ऐसा ही हुआ था। इसे किसने रिकॉर्ड किया और भेजा? ये लोग इंग्लैंड के प्रशंसक होने का दिखावा करते हैं। वे कहते हैं, 'हम तो अपने देश से प्यार करते हैं', लेकिन असल में वे पैसे कमाने के लिए ऐसा करते हैं।''
उन्होंने कहा, ''आजकल हम जिस माहौल में जी रहे हैं, उसमें लोग किसी को कुछ करते हुए फिल्माने और फिर उन्हें नीचा दिखाने या अखबारों में उनकी आलोचना छपवाने की कोशिश करते हैं। यह बहुत दुखद समय है।''
स्वान ने यहां तक कहा कि अगर इंग्लैंड की फुटबॉल टीम विश्व कप जीतकर लंबे समय तक जश्न मनाती, तो पूरा देश उसका स्वागत करता। ऐसे में क्रिकेटरों के जश्न को अलग नजर से देखना उचित नहीं है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से स्टोक्स को बाहर किए जाने के बाद उनके भविष्य को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस पर स्वान ने चिंता जताते हुए कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि यह स्टोक्स के करियर का अंत साबित नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ''मेरे विचार से एंड्रयू स्ट्रॉस के बाद स्टोक्स इंग्लैंड के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक हैं। वह खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रबंधन करते हैं और अपने प्रदर्शन से नेतृत्व करते हैं।''
भाषा आनन्द मोना
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