राहुल गांधी का राजनीतिक रवैया 'इंडिया' गठबंधन को मजबूत नहीं करता: पिनराई विजयन
संतोष
- 13 Jun 2026, 03:45 PM
- Updated: 03:45 PM
कोझिकोड, 13 जून (भाषा) केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का राजनीतिक रवैया 'इंडिया' (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन को मजबूत नहीं करता और अक्सर इससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ही फायदा पहुंचता है।
'इंडिया' गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी ने कथित रूप से कहा था कि वह केरल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण विजयन को गले नहीं लगाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राहुल की इस टिप्पणी पर कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन किसे गले लगाता है।
विजयन ने कहा, ''लेकिन हम सबने राहुल गांधी की नरेन्द्र मोदी को गले लगाते हुए तस्वीर देखी है। मुझे मोदी को गले लगाने से कोई आपत्ति नहीं है बल्कि उनकी (राहुल गांधी की) टिप्पणियां एक खास राजनीतिक संदेश देती हैं। इससे राहुल गांधी का नजरिया और 'इंडिया' गठबंधन के प्रति उनका दृष्टिकोण पता चलता है।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले पर विस्तार से चर्चा की जरूरत है और वह अभी इस पर ज्यादा बात नहीं करेंगे।
विजयन ने कहा, "सिर्फ हमने (माकपा) ही नहीं बल्कि अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं और अन्य बड़े दलों (कांग्रेस को छोड़कर) ने भी बैठक के दौरान आपत्तियां उठाईं और कांग्रेस के रुख के खिलाफ बात की। "
उन्होंने कहा कि लोग देख सकते हैं कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अब किस स्थिति में है।
विजयन ने कहा, "मौजूदा हालात कांग्रेस के रवैये, खासकर राहुल गांधी के रुख की वजह से बने हैं। असलियत यह है कि इस रवैये से 'इंडिया' गठबंधन मजबूत नहीं होता। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, इससे अक्सर भाजपा को ही फायदा होता है। ऐसे कदमों से राहुल गांधी ऐसी स्थिति बना रहे हैं जिसमें वह असल में भाजपा के हितों को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।"
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान, विजयन और राहुल दोनों ने अपने भाषणों में एक-दूसरे पर निशाना साधा था।
इस बीच, माकपा के महासचिव एम.ए. बेबी ने कहा कि केरल की राजनीतिक और सामाजिक हकीकत को देखते हुए राहुल गांधी का पिनराई विजयन को गले लगाना मुमकिन नहीं होगा।
बेबी ने कहा कि माकपा के महासचिव के तौर पर उन्होंने इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखा था।
इस चिट्ठी के कुछ हिस्से मीडिया में भी सार्वजनिक हुए थे।
उन्होंने कहा, "मैंने यह बात कही थी कि अलग-अलग राज्यों में खास राजनीतिक हालात को देखते हुए यह बहुत स्वाभाविक है कि 'इंडिया' गठबंधन में शामिल पार्टियां कुछ राज्यों में एक-दूसरे की राजनीतिक विरोधी हो सकती हैं। माकपा ने 'इंडिया' गठबंधन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी, और हमने शुरू से ही इस हकीकत को समझा था।"
उन्होंने कहा कि भले ही कुछ राज्यों में राजनीतिक हालात ऐसे हों कि पार्टियां एक-दूसरे की आलोचना करती हैं, फिर भी राजनीतिक शालीनता और गरिमा के कुछ मानकों को बनाए रखना जरूरी है।
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष
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