अहमदाबाद में विमान हादसे के पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि, प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया
शफीक
- 12 Jun 2026, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
अहमदाबाद, 12 जून (भाषा) पिछले साल अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे के स्थल पर शुक्रवार को पीड़ित परिवारों ने प्रार्थना की और पुष्प अर्पित किये। इस दुखद घटना की पहली बरसी पर उनके साथ दोस्त, अनजान लोग और कई गणमान्य व्यक्ति भी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।
बी जे मेडिकल कॉलेज में एक प्रार्थना सभा के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने 260 पौधे लगाए और लोगों ने कॉलेज के छात्रावास परिसर के पास मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी।
विमान हादसे में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए इस परिसर को चिकित्सा केंद्र के तौर पर पुनर्निर्मित किया जाएगा ताकि यह दिवंगत लोगों का एक स्थायी स्मारक बन सके।
वहीं, पीड़ित परिवारों को अब भी इस बात का इंतजार है कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से ठीक पहले के क्षणों में असल में क्या हुआ था, क्योंकि हादसे की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। अप्रैल में, 30 पीड़ितों के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर सच्चाई का पता लगाने के लिए 'कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर' (सीवीआर) और 'ब्लैक बॉक्स' का डेटा जारी करने का अनुरोध किया था।
हादसे में अपनी बेटी और दामाद को खोने वाली सविता बेन ने कहा, ''मुझे न्याय चाहिए। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए और उसके पैसे दान कर दिये जाने चाहिए। मैं वह सब कुछ दान करना चाहती हूं।''
गुजराती गीत तैयार करने वाले 34 वर्षीय फिल्म निर्माता महेश जीरावाला भी उन 19 लोगों में शामिल थे, जिनकी जमीन पर मौत हो गई थी।
जीरावाला के पिता ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''हमें पता चला कि उस दिन वह दुर्घटना स्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर थे, इसलिए हम उन्हें ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिले। बाद में, हमें सिविल अस्पताल से एक फोन आया जिसमें बताया गया कि मेरे डीएनए का उनके साथ मिलान हो गया है।''
शुक्रवार को श्रद्धांजलि देने वालों में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन भी शामिल थीं। वह अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में स्थित स्मारक स्थल पर पहुंचीं, जहां उन्होंने पुष्प अर्पित किए और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए कुछ देर के लिए मौन रखा।
कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''एक साल पहले आज ही के दिन, एअर इंडिया विमान के इस दुखद हादसे में 52 ब्रिटिश नागरिकों सहित 260 लोगों की जान चली गई थी। मैं उस दिन अहमदाबाद पहुंचने और दुर्घटना स्थल का दौरा करने को कभी नहीं भूल सकती। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जो इससे प्रभावित हुए हैं। मैं अपनी टीम को धन्यवाद देती हूं जो तुरंत उनकी मदद के लिए मुस्तैद हुई और सबसे कठिन परिस्थितियों में भी सहायता की। आज मैं उनमें से कुछ लोगों के साथ फिर से अहमदाबाद में हूं।''
इसके बाद, वह चार एमबीबीएस छात्रों सहित उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए सिविल अस्पताल परिसर पहुंचीं, जो हादसे के वक्त बी जे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास के अंदर थे। पिछले साल 12 जून को सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे से उड़ान भरने के 32 सेकंड बाद एअर इंडिया का विमान छात्रावास परिसर में गिर गया था।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक राकेश जोशी ने बताया, ''जूनियर डॉक्टरों द्वारा बी जे मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रार्थना सभा में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि देने वाले गणमान्य व्यक्तियों में लिंडी कैमरन भी शामिल थीं।''
जोशी ने कहा कि प्रार्थना सभा के बाद छात्रों, चिकित्सकों और अन्य गणमान्य लोगों ने मृतकों की स्मृति में 260 पौधे लगाए। चिकित्सकों द्वारा परिसर में एक रक्तदान शिविर भी लगाया गया।
जमीन पर जान गंवाने वाले लोगों में 14 साल का आकाश पटनी भी शामिल था। जब यह हादसा हुआ, उस वक्त वह मेघानीनगर में बी.जे. मेडिकल कॉलेज छात्रावास के पास परिवार की छोटी सी चाय दुकान पर अपनी मां को दोपहर का भोजन देने गया था।
आकाश के पिता सुरेशभाई पटनी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''हमने अपने बेटे आकाश और विमान हादसे में मारे गए सभी लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए शाम 6 बजे 'सुंदरकांड' और 'हनुमान चालीसा' पाठ का आयोजन किया।''
आकाश की मां सीताबेन के शरीर पर जलने के निशान हैं। वह आकाश की फूलों से सजी तस्वीर के पास बैठी थीं। वह अपने बेटे को याद कर रही थीं और उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे।
हादसे की पहली बरसी पर, पीड़ितों के परिजन दुर्घटना स्थल के पास मोमबत्तियां जलाने के लिए पांच-छह लोगों के अलग-अलग समूहों में पहुंचे।
हालांकि, उम्मीद थी कि कुल मिलाकर लगभग 150 परिवार बारी-बारी से आकर मोमबत्तियां जलाएंगे और चले जाएंगे।
आयोजकों ने बताया कि अधिकारियों ने मोमबत्ती जलाकर मार्च करने या अधिक संख्या में एकत्र होने की इजाजत नहीं दी थी, इसलिए मृतकों के परिवार के सदस्य अलग-अलग समूहों में एक-एक करके आए।
वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) ने पिछले साल जुलाई में एक अंतरिम रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें दुर्घटना का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया था। हालांकि, रिपोर्ट के एक पैराग्राफ से संकेत मिला था कि उड़ान भरने के बाद विमान के इंजनों के ईंधन स्विच बंद हो गए थे।
पीड़ित परिवारों के लिए यह इंतजार बेहद दर्दनाक रहा है। वे एक तरफ तो अपने प्रियजनों की यादों के सहारे जी रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अनुत्तरित सवालों से जूझ रहे हैं। कोई निर्णायक रिपोर्ट न आने के कारण उनका दुख और बढ़ गया है, जिससे उन्हें न तो तसल्ली मिल पा रही है और न ही इस बात की स्पष्टता कि यह हादसा आखिर कैसे हुआ।
भारत और ब्रिटेन के 130 से अधिक पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाली अमेरिका की एक लॉ फर्म के वकील ने केंद्र सरकार से इस उड़ान का तकनीकी डेटा जारी करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि न्याय पाने और कानूनी कदम उठाने के लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत, यदि संभव हो तो दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट एक वर्ष के भीतर आ जानी चाहिए, और यदि वह पूरी नहीं होती है, तो एक अंतरिम बयान जारी किया जा सकता है। बीते 8 मई को नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि हादसे की जांच अंतिम चरण में है और रिपोर्ट एक महीने के भीतर आने की संभावना है।
उन्होंने कहा था, ''विमान हादसे की जांच अंतिम चरण में है और यह एक महीने में पूरी भी हो सकती है। हालांकि, यह जांच एएआईबी द्वारा की जा रही है और हम इसमें दखल नहीं दे सकते। हम उन्हें वे सभी संसाधन दे रहे हैं जिनकी उन्हें जरूरत है।''
वहीं दूसरी ओर, भारतीय पायलट संघ के अध्यक्ष सी.एस. रंधावा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे चाहते हैं कि एएआईबी पूरी और व्यापक जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट जारी करे।
भाषा सुभाष शफीक
शफीक
1206 2234 अहमदाबाद