माझी ने सीएमओ से काम करना शुरू किया, ओडिया भाषा, 'अस्मिता' को बढ़ावा देने का संकल्प लिया
नेत्रपाल नरेश
- 04 Jul 2024, 06:41 PM
- Updated: 06:41 PM
भुवनेश्वर, चार जुलाई (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को राज्य सचिवालय लोक सेवा भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से काम करना शुरू कर दिया।
गत 12 जून को शपथ लेने के बाद से वह राज्य अतिथि गृह में स्थित एक अस्थायी कार्यालय से काम कर रहे थे क्योंकि उनके कार्यालय का नवीनीकरण हो रहा था।
माझी ने आज सुबह लोक सेवा भवन में प्रवेश करने से पहले झुककर प्रणाम किया और फिर पुजारियों के श्लोकोच्चारण के बीच अपने कार्यालय कक्ष में प्रवेश किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और प्रभाती परिदा सहित कई अन्य मंत्री उपस्थित थे।
माझी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, "भौतिक विकास के अलावा, सांस्कृतिक विकास पर जोर दिया जाएगा। ओडिया 'अस्मिता' के प्रचार और संरक्षण को भी महत्व दिया जाएगा।"
माझी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं कि उनके सामने रखी जाने वाली सभी फाइल ओडिया भाषा में हों।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी काम ओडिया भाषा में किए जाएंगे और जरूरत पड़ी तो ओडिशा राजभाषा अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ओडिया भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए भाषा आयोग का गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ओडिशा साहित्य अकादमी, ओडिशा संगीत नाटक अकादमी और ललित कला अकादमी का पुनर्गठन किया जाएगा तथा उनकी कार्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
माझी ने कहा, "ओडिसी अनुसंधान केंद्र को प्रभावी बनाया जाएगा और ओडिया अस्मिता पर गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा। पुस्तकालय आंदोलन का विस्तार करके लोगों में पढ़ने की आदतों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ओडिया भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए एक अनुवाद अकादमी की स्थापना किए जाने के साथ ही ओडिया भाषा के विकास के वास्ते प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा भाषा भवन और ओडिया अस्मिता भवन भी स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा के सभी जिलों में संस्कृति भवन स्थापित किए जाएंगे।
माझी ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के विभिन्न धरोहर स्थलों के विकास को महत्व देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी कार्य जनता के सहयोग और सुझाव से किए जाएंगे।
भाषा नेत्रपाल