2022 में कांग्रेस में हुआ राजनीतिक घटनाक्रम पार्टी आलाकमान के खिलाफ विद्रोह नहीं था: गहलोत
जितेंद्र
- 07 Jun 2026, 06:59 PM
- Updated: 06:59 PM
जयपुर, सात जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि 25 सितंबर 2022 को कांग्रेस की राज्य इकाई में हुआ घटनाक्रम पार्टी आलाकमान के खिलाफ विद्रोह नहीं था बल्कि विधायकों के बीच सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाओं को लेकर असहमति थी।
गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट को सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए क्योंकि सच्चाई का कोई विकल्प नहीं होता।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय वह कांग्रेस अध्यक्ष बनने की कतार में थे लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि साजिश जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और उनकी छवि खराब हुई।
उन्होंने सोनिया गांधी के सामने इस बात के लिए खेद व्यक्त किया कि बैठक में प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।
गहलोत ने कहा, "25 सितंबर की घटना उस व्यक्ति (सचिन पायलट) के खिलाफ थी, जिसका नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल था। यह आलाकमान के खिलाफ विद्रोह नहीं था।"
उन्होंने कहा कि विधायकों ने आलाकमान के प्रति निष्ठा दिखाई और सरकार बचाई।
गहलोत सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे पायलट ने 2020 में गहलोत नेतृत्व के खिलाफ बगावत की थी।
पायलट और कुछ विधायक हरियाणा के मानेसर में ठहरे थे और इस बगावत से राज्य में राजनीतिक संकट उत्पन्न हुआ, जिसे पार्टी नेतृत्व ने हस्तक्षेप कर सुलझाया। गहलोत ने कहा कि उनके खिलाफ विद्रोह की धारणा पायलट के सहयोगियों ने बनाई, जो गलत थी।
उन्होंने कहा कि जब भी आलाकमान मुख्यमंत्री बदलने का निर्णय करता है, अधिकांश विधायक नए मुख्यमंत्री के साथ हो जाते हैं।
गहलोत ने कहा, "सचिन पायलट को यह समझना चाहिए। वह 15–20 साल से राजनीति में हैं और अनुभव हासिल कर चुके हैं। हम उनके दुश्मन नहीं हैं। मैं उनके परिवार से बचपन से मिलता रहा हूं।"
गहलोत ने कहा कि पायलट ने गलती की है और उसे स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मनुष्य से गलती हो सकती है, मुझसे भी हो सकती है। उन्होंने (पायलट ने) गलती की और उसे स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने सच्चाई स्वीकार करना नहीं सीखा, इसी वजह से यह मुद्दा बना हुआ है। आज कांग्रेस संकट में है, देश संकट में है; केवल कांग्रेस ही देश को बचा सकती है। सभी नेताओं को एकजुट होना चाहिए।" पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पायलट को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार में केंद्रीय मंत्री बनने में मदद की थी लेकिन पायलट ने कभी इसका उल्लेख नहीं किया।
गहलोत ने कहा कि उन्होंने सब कुछ हासिल कर लिया है और संतुष्ट हैं।
उन्होंने कहा, "मैं अब किसी पद की दौड़ में नहीं हूं। तीन बार मुख्यमंत्री रहना कोई छोटी बात नहीं है। मुख्यमंत्री कौन बनेगा और कौन नहीं, यह भविष्य का विषय है।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे सचिन पायलट हों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा हों, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली हों या कोई अन्य नेता, सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
गहलोत ने बताया कि हाल ही में राहुल गांधी ने पुष्कर में प्रशिक्षण शिविर के दौरान डोटासरा और जूली इकाई की सराहना की।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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