ऑपरेशन ब्लू स्टार बरसी: अकाल तख्त जत्थेदार ने सिख समुदाय से एकजुट रहने की अपील की
नेत्रपाल
- 06 Jun 2026, 07:51 PM
- Updated: 07:51 PM
(फोटो के साथ)
अमृतसर, छह जून (भाषा) ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी पर शनिवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि सिख समुदाय को एकजुट रहते हुए पंजाब में अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि सिख पहचान और धार्मिक प्रतीकों को "दुनियाभर में निशाना बनाया जा रहा है।"
जत्थेदार ने एक सभा को संबोधित करते हुए बेअदबी-विरोधी कानून का मुद्दा भी उठाया और सरकार पर सिख संस्थाओं पर कानून थोपने तथा नियंत्रण स्थापित करने का आरोप लगाते हुए इसकी आलोचना की।
सिखों के सबसे पवित्र धर्मस्थल माने जाने वाले स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए जून 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था।
सिख धार्मिक संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से ऑपरेशन ब्लू स्टार की वर्षगांठ मनाई। हालांकि, सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त के बाहर कट्टरपंथी सिख संगठनों के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने खालिस्तान समर्थक नारे लगाए।
पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के कार्यकर्ताओं ने भी खालिस्तान समर्थक नारे लगाए।
मान खुद भी वहां मौजूद थे।
खडूर साहिब से अमृतपाल सिंह के समर्थक भी उनकी तस्वीरें लिए हुए दिखाई दिए। अमृतपाल सिंह 2023 में पुलिस थाने पर हुए हमले के मामले में फिलहाल असम की एक जेल में बंद हैं।
कट्टरपंथी सिख संगठन दल खालसा के कार्यकर्ता क्षतिग्रस्त अकाल तख्त की तस्वीरें और मारे गए आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर वाले पोस्टर लिए हुए दिखाई दिए।
स्वर्ण मंदिर परिसर में पूरे परिक्रमा मार्ग में खालिस्तान समर्थक नारेबाजी की गई।
जत्थेदार गड़गज ने कहा कि सरकारों को हमेशा याद रखना चाहिए कि सिख भारत में समान नागरिक हैं, दूसरे दर्जे के नागरिक नहीं। उन्होंने कहा कि सिखों के प्रति भेदभावपूर्ण मानी जाने वाली नीतियां देश के हित में नहीं हैं।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि सिख पहचान और धार्मिक प्रतीकों को ''गहरी साजिश के तहत विभिन्न तरीकों से वैश्विक स्तर पर लगातार निशाना बनाया जा रहा है।''
गड़गज ने दुनिया भर के सिख संगठनों से सतर्क रहने का आग्रह किया और विदेशों में रहने वाले सिखों से पंजाब से मजबूत संबंध बनाए रखने, अपने बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने, पंजाब को स्थायी रूप से न छोड़ने और पैतृक जमीन न बेचने की अपील की।
पंजाब के बेअदबी-विरोधी कानून का जिक्र करते हुए गड़गज ने कहा कि सिख धार्मिक मामलों से जुड़ा कोई भी कानून 'सिख पंथ' की सहमति के बिना नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया, ''आज गुरु ग्रंथ और गुरु पंथ को कानून के दायरे में लाने की साजिश हो रही है। सिख संगठनों को कमजोर करने की साजिश हो रही है। सिखों ने कहा था कि कानून बेअदबी करने वालों के खिलाफ होना चाहिए, लेकिन कानून सिखों के खिलाफ बना दिया गया है।''
भाषा जोहेब नेत्रपाल
नेत्रपाल
0606 1951 अमृतसर