भारत ने फाइनल में बांग्लादेश को 3-1 से हराकर छठी बार सैफ महिला चैंपियनशिप का खिताब जीता
नमिता
- 06 Jun 2026, 10:16 PM
- Updated: 10:16 PM
मडगांव, छह जून (भाषा) भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने शनिवार को यहां खेले गए फाइनल में बांग्लादेश पर 3-1 की शानदार जीत के साथ छठी बार सैफ महिला चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
भारत ने सात साल बाद यह ट्रॉफी जीती। टीम के लिए प्यारी खाका (42वें मिनट), सनफिदा नोंग्रम (46वें मिनट) और लिंडा कॉम सर्टो (82वें मिनट) ने गोल किए।
बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना चकमा (45+2वें मिनट) ने किया।
मेजबान टीम ने ग्रुप चरण में भी इसी प्रतिद्वंद्वी को 3-0 से हराया था।
भारत ने टूर्नामेंट में बिना कोई मैच गंवाए अपना सफर पूरा किया। उन्होंने 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया जिससे टूर्नामेंट में उनका दबदबा साफ दिखा।
भारतीय टीम ने मालदीव पर 11-0 की जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की थी और फिर बांग्लादेश को 3-0 से हराकर ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
लगातार पांच बार खिताब जीतने के बाद भारत पिछले दो चरणों में फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था। बांग्लादेश ने इन दोनों मौकों (2022 और 2024) पर नेपाल को हराकर ट्रॉफी जीती थी।
भारत ने पिछली बार 2019 में यह खिताब जीता था।
इस फाइनल में वो सभी चीज देखने को मिलीं जिनकी उम्मीद इस क्षेत्र की दो सबसे मजबूत टीम के बीच मुकाबले से की जाती है। बांग्लादेश मौजूदा चैंपियन के तौर पर उतरा था जबकि भारत उस ख़िताब को जीतने की कोशिश कर रहा था जो पिछले दो टूर्नामेंट से उनके हाथ नहीं लगा था।
मनीषा कल्याण ने टूर्नामेंट में पहली बार शुरुआती लाइन-अप में जगह बनाई क्योंकि भारत मैच की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाना चाहता था। 16वें मिनट में भारत गोल के और करीब पहुंचा। बांग्लादेश की गोलकीपर माइल अख्तर तब निर्मला देवी फंजौबम के शॉट को ठीक से नहीं रोक पाईं। गेंद अस्ताम ओराओन के पास आई, लेकिन वह उसे सही जगह नहीं भेज पाईं।
हालांकि बांग्लादेश की टीम भी खतरनाक बनी रही। 23वें मिनट में रितु पोर्ना चकमा ने कॉर्नर से सीधे गोल की शॉट लगाया लेकिन यह क्रॉसबार के ठीक ऊपर से निकल गया।
क्रिस्पिन छेत्री की टीम लगातार आगे बढ़ती रही। निर्मला के क्रॉस पर अवेका सिंह का हेडर मामूली अंतर से बाहर चला गया और फिर 38वें मिनट में माइल अख्तर ने शानदार बचाव करते हुए मनीषा कल्याण की हाफ-वॉली को गोल में जाने से रोक दिया।
पहले हाफ से तीन मिनट पहले भारत को सफलता मिली। प्यारी खाका ने पेनल्टी क्षेत्र के अंदर तेजी दिखाई और शॉट मारा। सुरोवी अख्तर ने उस शॉट को रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद डिफ्लेक्ट होकर नेट में चली गई।
लेकिन बांग्लादेश ने तुरंत जवाब दिया। पहले हाफ के स्टापेज टाइम में रितु पोर्ना चकमा को बाईं ओर जगह मिली और उन्होंने कम ऊंचाई वाला शॉट मारकर गोल कर दिया। यह इस टूर्नामेंट में भारत के खिलाफ हुआ पहला गोल था।
हालांकि दूसरा हाफ पूरी तरह से भारत के नाम रहा। खेल दोबारा शुरू होने के कुछ ही सेकंड बाद प्यारी खाका ने गोल करने में मदद की। उनके क्रॉस पर सनफिदा नोंग्रम ने बिना किसी रुकावट के उछलकर जबरदस्त हेडर लगाया और गेंद को पोस्ट के जरिए नेट में पहुंचाकर भारत को फिर से बढ़त दिला दी।
इस गोल ने मैच का रुख बदल दिया।
भारत ने 82वें मिनट में अपना तीसरा गोल किया, जब डिफेंस की गलती से स्थानापन्न लिंडा कॉम सर्टो को बॉक्स के अंदर मौका मिला। फॉरवर्ड खिलाड़ी ने तेजी से प्रतिक्रिया दी और माइल अख्तर को छकाते हुए गेंद को गोल में डालकर स्कोर 3-1 कर दिया।
इस जीत के साथ मेजबान टीम के लिए यह टूर्नामेंट यादगार बन गया। अवेका सिंह चार गोल के साथ प्रतियोगिता की शीर्ष स्कोरर रहीं। सनफिदा नोंग्रम को 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर' चुना गया जबकि पंथोई चानू इलांगबम ने 'सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' का पुरस्कार जीता।
भाषा नमिता
नमिता
0606 2216 मडगांव