समुद्री खाद्य निर्यात बढ़ाने के लिए 5-6 जून को विशाखापत्तनम में राष्ट्रीय कार्यशाला
अजय
- 03 Jun 2026, 07:33 PM
- Updated: 07:33 PM
नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) केंद्र सरकार 5-6 जून को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रही है। इसका मकसद देश के समुद्री खाद्य निर्यात को बढ़ाना है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में 73,890.46 करोड़ रुपये रहा था।
यह कार्यशाला केंद्रीय वाणिज्य और मत्स्य पालन मंत्रालयों द्वारा मिलकर आयोजित की जा रही है। इसमें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, राजीव रंजन सिंह, किंजरापु राममोहन नायडू, चिराग पासवान, एस.पी. सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन शामिल होंगे।
मत्स्य पालन मंत्रालय ने बयान में कहा, ''मुख्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मौजूदा शुल्क और गैर-शुल्क रुकावटों के बावजूद, भारत के समुद्री खाद्य निर्यात ने सरकारी पहल और नीतिगत उपायों के सहारे लगातार मजबूत बढ़त और टिकाऊपन दिखाया है।''
भारत के समुद्री उत्पादों का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 73,890.46 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें निर्यात की मात्रा 19.72 लाख टन रही। इस क्षेत्र ने एक लाख करोड़ रुपये का निर्यात लक्ष्य तय किया है।
मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यशाला से इस बढ़त की गति को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह अंशधारकों की क्षमताओं को मजबूत करके, बेहतरीन तरीकों को बढ़ावा देकर और निर्यात के लिए समग्र तैयारी को बढ़ाकर इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देगी।
यह कार्यशाला स्टार्टअप और एमएसएमई को निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र में ज्यादा से ज्यादा शामिल करने के तरीकों पर भी विचार करेगी, ताकि वैश्विक समुद्री खाद्य बाजारों में भारत की समग्र प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत किया जा सके।
समुद्री खाद्य उत्पाद निर्यात संवर्धन प्राधिकरण (एमपीईडीए), निर्यात निगरानी परिषद (ईआईसी), भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई), भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईर्एस), राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी), राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी), नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल), लघु कृषक कृषि-व्यवसाय संघ (एसएफएसी), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और इन्वेस्ट इंडिया जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संगठन भी इसमें मौजूद रहेंगे।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय
0306 1933 दिल्ली