सूर्या हत्याकांड : गाजियाबाद के खोड़ा में तनावपूर्ण शांति, तीन मदरसे सील
राजकुमार
- 02 Jun 2026, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
गाजियाबाद (उप्र), दो जून (भाषा) गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में सत्यापन कार्य तेज करते हुए प्रशासन ने मंगलवार को तीन गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को सील कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या कथित तौर पर उसके दोस्त असद और उसके साथियों द्वारा किये जाने के बाद की जा रही है। मामले का मुख्य आरोपी असद पुलिस के साथ एक मुठभेड़ में मारा जा चुका है।
इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। कई दुकानें मंगलवार को बंद रहीं, जिनमें दोनों समुदायों के सदस्यों द्वारा संचालित प्रतिष्ठान भी शामिल थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मी तैनात किये गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर में एक कार्यक्रम में इस घटना की चर्चा करते हुए कहा,''दोस्ती की आड़ में किसी पर चाकू से हमला करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।''
आदित्यनाथ ने चेतावनी देते हुए कहा था, ''जो लोग अपने निकम्मे बच्चों को सही राह दिखाने और अनुशासित करने में नाकाम रहते हैं, वे एक गंभीर गलती कर रहे हैं।''
इस बीच, जिला प्रशासन और पुलिस ने खोड़ा में तीन दिवसीय ''ऑपरेशन क्लीन स्वीप'' शुरू किया, जिसके तहत किरायेदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अनाधिकृत संपत्तियों और संदिग्ध आपराधिक तत्वों का सत्यापन किया जा रहा है।
पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़, ज़िलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की तथा अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। जिलाधिकारी ने कहा कि परिवार को राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
ज़िला प्रशासन के अनुसार, सूर्या की मां सरोज को खोड़ा नगर पालिका के स्वच्छता विभाग में 'स्वच्छता पर्यवेक्षक' के संविदा पद की पेशकश की गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह नियुक्ति केवल उनके लिए ही सीमित नहीं है, परिवार की सहमति से, परिवार का कोई भी योग्य सदस्य यह नौकरी कर सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि नियुक्ति पत्र परिवार को सौंप दिया गया है और परिवार आपस में तय कर सकता है कि इस पद पर कौन कार्यभार संभालेगा।
उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
इससे पहले जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि इलाके में संचालित तीन मदरसों को सील कर दिया गया है, क्योंकि उनका संचालन बिना किसी मान्यता के किया जा रहा था।
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ''सत्यापन अभियान के दौरान तीन ऐसे मदरसों की पहचान की गई, जो मदरसा बोर्ड या अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकरण कराए बिना ही चलाए जा रहे थे।''
जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों का विवरण जुटाया जाएगा और उनके दाखिले के लिए पास के सरकारी या अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में व्यवस्था की जाएगी।
कुमार ने बताया कि यह अभियान पुलिस, बेसिक शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है।
भारी सुरक्षा के बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान मिजोरम के राज्यपाल वी.के. सिंह की बेटी मृणालिनी सिंह ने मारे गए 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस हत्या से समाज में एक गलत संदेश गया है।
मृणालिनी सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा, ''जिस तरह से असद ने सूर्या से दोस्ती की और फिर कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी, वह मानवता के दृष्टिकोण से भी गलत है। न्याय जरूर मिलेगा, क्योंकि ऊपर भगवान हैं और यहां योगी जी भी हैं।''
उन्होंने कहा कि घटना के बाद से ही स्थानीय भाजपा नेता परिवार के साथ खड़े हैं और आगे भी उनका समर्थन करते रहेंगे।
खोड़ा में इंटरनेट सेवा संबंधी कार्य करने वाले स्थानीय निवासी आज़ाद सैफी ने फोन पर 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि एक व्यक्ति की करतूत की वजह से पूरे समुदाय की बदनामी हुई है। उन्होंने कहा, ''मैं असद या उसके परिवार को निजी तौर पर नहीं जानता था। बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चों की परवरिश कैसे होती है और माता-पिता को उनकी परवरिश पर ध्यान देना चाहिए।''
सैफी ने बताया कि कुछ दुकानें बंद रहीं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना को देखते हुए प्रशासन ने जिस तरह से हालात को संभाला है, वह आम तौर पर सही रहा है।
एक महिला ने कहा कि अगर मृतक सूर्या चौहान के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए दुकानें बंद रहती हैं, तो इसमें कोई हर्ज़ नहीं है। महिला के पति का इलाके में किराना दुकान है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एशियाई खेल में चयनित पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की हत्या, सूर्या चौहान और एक दूध व्यापारी की हत्या, उप्र की क़ानून व्यवस्था के ठप्प होने का प्रतीक है।"
यादव ने इसी पोस्ट में 'असफल मुख्यमंत्री हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए सवाल उठाया "क्या उत्तर प्रदेश में 'गृह' नाम का कोई मंत्रालय है भी, या फिर अपराधियों के दुस्साहस को देखकर अंडरग्राउंड हो गया है?"..
खोड़ा के नवनीत विहार निवासी सूर्या पर 28 मई को कहासुनी के बाद चाकू से हमला किया गया था और बाद में नोएडा के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी असद ने अपने पिता नवाब और साथियों के साथ मिलकर, मोटरसाइकिल चलाने को लेकर हुए झगड़े के बाद किशोर पर हमला करने की साजिश रची थी।
सूर्या के परिवार का दावा है कि असद और उसके साथियों ने उसे बकरीद मनाने के लिए बुलाया था। घटना के बाद फरार हुए असद (19) को पकड़ने के लिए पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि, रविवार को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में वह मारा गया।
इस मामले में उसके पिता नवाब और दोस्त फरहान और आतिफ़ को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है।
प्रशासन ने सोमवार को असद के घर पर एक नोटिस चस्पा किया, जिसमें ज़मीन पर अवैध कब्ज़े का आरोप लगाया गया है और चेतावनी दी गई है कि अगर घर में रहने वाले लोग 15 दिनों के अंदर जवाब नहीं देते हैं, तो मकान को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
भाषा किशोर मनीष आनन्द
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