दिल्ली में परिवार नियोजन विधियों के उपयोग में आई गिरावट : एनएफएचएस-6
सुरेश
- 31 May 2026, 07:05 PM
- Updated: 07:05 PM
नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) दिल्ली में 2019-21 और 2023-24 के बीच 15-49 वर्ष की विवाहित महिलाओं में परिवार नियोजन के तरीकों के उपयोग में गिरावट आई है, जबकि गर्भनिरोधक के किसी भी साधन का उपयोग किए बिना, संतानोत्पत्ति से बचने या स्थगित करने की इच्छा की स्थिति (अपूर्ण आवश्यकता) में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के नवीनतम आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है।
एनएफएचएस-6 के अनुसार, 2023-24 में 15-49 वर्ष की आयु की वर्तमान में विवाहित महिलाओं में से 67.4 प्रतिशत महिलाएं परिवार नियोजन की किसी न किसी विधि -आधुनिक और पारंपरिक दोनों- का उपयोग कर रही थीं, जबकि 2019-21 (एनएफएचएस-5) में यह आंकड़ा 76.4 प्रतिशत से कम है।
आधुनिक पद्धतियों का इस्तेमाल 57.7 प्रतिशत से घटकर 51.2 प्रतिशत, जबकि पारंपरिक पद्धतियों का उपयोग 18.7 प्रतिशत से घटकर 16.2 प्रतिशत रह गया।
सर्वेक्षण में 'किसी भी आधुनिक पद्धति' से आशय आधुनिक परिवार नियोजन के सभी तरीकों से था, जिनमें वे विधियां भी शामिल हैं जिन्हें तथ्य-पत्र में अलग से प्रदर्शित नहीं किया गया है।
विशिष्ट तरीकों की बात करें तो, दिल्ली में महिला नसबंदी 18 प्रतिशत से घटकर 14.7 प्रतिशत हो गई, जबकि पुरुष नसबंदी में मामूली वृद्धि हुई और यह 0.2 प्रतिशत से बढ़कर 0.4 प्रतिशत हो गई।
गर्भनिरोधक के किसी भी साधन का उपयोग किए बिना, संतानोत्पत्ति से बचने या स्थगित करने की इच्छा की स्थिति को लेकर भी सर्वेक्षण में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं और यह आंकड़ा 2019-21 में 6.1 प्रतिशत से 2023-24 में बढ़कर 7.3 प्रतिशत हो गया।
आंकड़ों से यह भी पता चला कि 20-24 आयु वर्ग की जिन महिलाओं की शादी 18 वर्ष की आयु से पहले हो गई थी, उनका अनुपात 9.9 प्रतिशत से बढ़कर 11.4 प्रतिशत हो गया। वहीं 25-29 आयु वर्ग के जिन पुरुषों का विवाह 21 वर्ष की आयु से पहले हो गया था उनका अनुपात 12 प्रतिशत से घटकर 8.1 प्रतिशत रह गया।
दोनों सर्वेक्षणों में दिल्ली की कुल प्रजनन दर प्रति महिला 1.6 बच्चे पर अपरिवर्तित रही।
सर्वेक्षण में शिक्षा संबंधी संकेतकों में भी सुधार दर्ज किया गया।
इसके अनुसार, 10 वर्ष या उससे अधिक की स्कूली शिक्षा प्राप्त महिलाओं का अनुपात 59.7 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया, जबकि 10 वर्ष या उससे अधिक की स्कूली शिक्षा प्राप्त पुरुषों का अनुपात 60.9 प्रतिशत से बढ़कर 67.6 प्रतिशत हो गया।
इंटरनेट के उपयोग में भी वृद्धि हुई। इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाओं का अनुपात 63.8 प्रतिशत से बढ़कर 82 प्रतिशत हो गया, जबकि पुरुषों के लिए यह आंकड़ा 85.2 प्रतिशत से बढ़कर 93.2 प्रतिशत हो गया।
ये निष्कर्ष दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए 2023-24 में एकत्रित आंकड़ों पर आधारित एनएफएचएस-6 'तथ्य-पत्र' का हिस्सा हैं।
भाषा प्रशांत सुरेश
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